Damaged Roads वागड़ में बदहाली की हद: शहर के मुख्य मार्गों से लेकर छींच-बागीदौरा मार्ग तक, हर कदम पर जोखिम भरा सफर

0

बांसवाड़ा: शहर की टूटी सड़कें और छींच-बागीदौरा मार्ग बना जानलेवा, गड्ढों के सफर से आमजन त्रस्त

  • प्रशासनिक और विभागीय उदासीनता के चलते शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक सड़कों का बुरा हाल

  • छींच से बागीदौरा तक 8 किलोमीटर का मार्ग बना तालाब, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की आवाजाही के बावजूद सुध नहीं

बांसवाड़ा / ब्यूरो रिपोर्ट: राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में बदहाल सड़कों और जानलेवा गड्ढों के कारण आम नागरिकों का जीवन मुश्किल होता जा रहा है। स्थिति यह है कि न केवल बांसवाड़ा शहर के मुख्य मार्गों और अंदरूनी कॉलोनियों की सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हैं, बल्कि ग्रामीण अंचल को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग भी बदहाली की तस्वीर पेश कर रहे हैं। इससे हर दिन हजारों वाहन चालकों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

Damaged Roads वागड़ में बदहाली की हद शहर के मुख्य मार्गों से लेकर छींच-बागीदौरा मार्ग तक, हर कदम पर जोखिम भरा सफर

शहर में मुख्य मार्गों से लेकर कॉलोनियों तक का बुरा हाल

बांसवाड़ा शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों पर डामर उखड़ने से बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। हल्की बारिश या जलभराव के दौरान इन गड्ढों की गहराई का अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है, जिसके कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों के लिए इन रास्तों से निकलना किसी जोखिम से कम नहीं है। स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों का कहना है कि सड़कों पर उड़ने वाली धूल और खराब रास्तों से व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। कई बार प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराने के बावजूद समस्या का कोई समाधान नहीं निकला है, जिससे शहरवासियों में नगर परिषद और संबंधित विभागों के प्रति गहरा आक्रोश है।

छींच से बागीदौरा तक 8 किमी मार्ग: सड़क कम, गड्ढे ज्यादा

जिले के ग्रामीण और संपर्क मार्गों की स्थिति इससे भी ज्यादा चिंताजनक है। छींच से बागीदौरा सीबीईओ कार्यालय तक करीब 8 किलोमीटर लंबा मार्ग इन दिनों बदहाली की पराकाष्ठा पर है। यह मार्ग बांसवाड़ा से बागीदौरा, आनंदपुरी और गांगड़तलाई जाने वाले लोगों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग है। पंचायत समिति मुख्यालय होने के कारण यहां से रोजाना अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और आमजन का आवागमन होता है, फिर भी इसकी सुध नहीं ली जा रही।

  • छींच मॉडल स्कूल से ब्रह्माजी मंदिर: यहां सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हैं, जिनमें बारिश का पानी भरने से वाहन चालकों को भारी परेशानी होती है।

  • बांसला के पास सड़क बनी तालाब: बांसला गांव के समीप जल निकासी की व्यवस्था न होने से बारिश का पानी सड़क पर जमा रहता है, जिससे यह मार्ग किसी छोटे तालाब जैसा नजर आता है।

  • बांसला से अगोरिया और सीबीईओ कार्यालय तक: इस पूरे हिस्से में सड़क का स्वरूप ही गायब हो चुका है और सिर्फ गड्ढों की कतारें नजर आती हैं।

धार्मिक स्थलों और परिवहन व्यवस्था पर असर

यह बदहाल मार्ग केवल स्थानीय ग्रामीणों के लिए ही नहीं, बल्कि वागड़ के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों तक जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी परेशानी का सबब बन गया है। ब्रह्माजी मंदिर, इष्टेश्वर महादेव, झोल्ला फाल, भुआदरा और ऐतिहासिक मानगढ़ धाम जाने वाले पर्यटकों को भी इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। सड़क खराब होने के कारण इस रूट पर परिवहन के साधन कम हो गए हैं। विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज पहुंचने में दिक्कत होती है, वहीं किसानों को अपनी उपज और व्यापारियों को माल ढुलाई में भारी आर्थिक नुकसान और जोखिम उठाना पड़ रहा है।

शीघ्र मरम्मत और सुदृढ़ीकरण की पुरजोर मांग

शहरवासियों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने जिला प्रशासन, नगर परिषद और संबंधित निर्माण विभाग से मांग की है कि बांसवाड़ा शहर की जर्जर सड़कों और छींच-बागीदौरा मार्ग का जल्द निरीक्षण करवाकर इनकी सुदृढ़ मरम्मत या पुनर्निर्माण का कार्य शुरू किया जाए।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, या फिर इन गड्ढों में ही विकास की तस्वीर तलाशता रहेगा?

Post a Comment

0Comments
Post a Comment (0)

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !
To Top
} } //]]>