बिहार के जमुई में अजीबोगरीब मामला: सास ने बहू के नाम की 9 कट्ठा जमीन, कागजात मिलते ही बच्चों संग फरार हुई महिला
‘सस्ते खर्च’ के चक्कर में लुटा सब कुछ: दलाल के झांसे में आकर पति ने पत्नी के नाम कराई जमीन, अगले ही दिन बहू जीजा के साथ हुई रफूचक्कर।
जमुई (बिहार)
बिहार के जमुई जिले से एक बेहद हैरान करने वाला और भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक परिवार को जमीन की रजिस्ट्री में कुछ पैसे बचाना बेहद भारी पड़ गया। तहसील में एक दलाल के झांसे में आकर जब सास ने अपनी पूरी संपत्ति बहू के नाम ट्रांसफर की, तो अगले ही दिन बहू जमीन के दस्तावेज और अपने दो बच्चों को लेकर गायब हो गई। पीड़ित पति अब न तो बच्चों का मुंह देख पा रहा है और न ही उसके पास जमीन बची है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित विशाल कुमार की बीमार मां के नाम पर करीब 9 कट्ठा जमीन थी। मां की तबीयत खराब रहने के कारण वह अपने जीवनकाल में ही यह जमीन अपने इकलौते बेटे विशाल के नाम करना चाहती थीं।
जब परिवार जमीन ट्रांसफर की प्रक्रिया के लिए तहसील पहुंचा, तो वहां मौजूद एक कथित दलाल ने उन्हें एक 'नया गणित' समझाया। दलाल ने दावा किया कि:
बेटे के नाम जमीन ट्रांसफर कराने पर स्टाम्प ड्यूटी और सरकारी खर्च ज्यादा आएगा।
वहीं, यदि जमीन बहू या बेटी के नाम कराई जाए, तो छूट के कारण खर्च काफी कम लगेगा।
विशाल का कोई दूसरा भाई या बहन नहीं थी, इसलिए परिवार ने दलाल की बातों पर भरोसा करते हुए जमीन अपनी बहू ममता कुमारी के नाम पंजीकृत (रजिस्टर) करा दी।
कागजात मिलते ही बदला रुख
आरोप है कि जैसे ही जमीन के सरकारी दस्तावेज बनकर तैयार हुए, ममता कुमारी का रवैया पूरी तरह बदल गया। रजिस्ट्री के अगले ही दिन ममता अपने जीजा के साथ घर छोड़कर चली गई। वह अपने साथ एक लड़का और एक लड़की (दोनों बच्चों) को भी ले गई।
पीड़ित विशाल का कहना है कि इस एक फैसले ने उसकी पूरी जिंदगी तबाह कर दी। अब उसके हाथ में सिर्फ जमीन के कागजात की फोटोकॉपी रह गई है—न तो उसके पास जमीन बची है और न ही उसके मासूम बच्चे।
अधिकारियों के चक्कर काट रहा पीड़ित
फिलहाल पीड़ित विशाल न्याय की गुहार लेकर एसडीएम (SDM) कार्यालय और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है।
ध्यान दें: हालांकि, इस पूरे मामले में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना और पुलिस प्रशासन द्वारा स्वतंत्र जांच किया जाना अभी बाकी है।
एक सबक: सावधान रहें
यह घटना समाज के लिए एक बड़ा सबक है। संपत्ति या जमीन-जायदाद के लेन-देन में किसी भी दलाल या बिचौलिए के झांसे में आने के बजाय हमेशा अधिकृत कानूनी सलाह और सरकारी नियमों की पूरी जानकारी लेना बेहद जरूरी है।

