24 मिनट, 36 करोड़ का सोना और 43 लाख कैश: जमशेदपुर में झारखंड की सबसे बड़ी बैंक डकैती
जमशेदपुर : जमशेदपुर के गोलमुरी मुख्य सड़क पर स्थित केनरा बैंक की शाखा में गुरुवार सुबह एक ऐसी वारदात हुई, जिसने पूरे राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है। सुबह की तेज बारिश के बीच हथियारबंद बदमाशों ने महज 24 मिनट के भीतर बैंक को अपना शिकार बनाया और करीब 36 करोड़ रुपये मूल्य का सोना व 43 लाख रुपये नकद लूटकर फरार हो गए। इसे झारखंड के गठन के बाद से अब तक की सबसे बड़ी बैंक डकैती माना जा रहा है।
ग्राहक बनकर घुसे, गार्ड को किया लहूलुहान
सुबह करीब 9:48 बजे, जब बैंक खुलने की तैयारी में था, रेनकोट और कैप पहने पांच संदिग्ध अंदर दाखिल हुए। सुरक्षा गार्ड संतोष कुमार ने जब उनसे पूछताछ की तो बदमाशों ने उन पर पिस्टल की बट से जानलेवा हमला कर दिया। गार्ड के लहूलुहान होकर गिरते ही बदमाशों ने बैंक कर्मचारियों और वहां मौजूद तीन ग्राहकों को गनपॉइंट पर ले लिया। किसी के हाथ बांधे गए तो किसी के मुंह पर सेलोटेप चिपका दिया गया।
मैनेजर की कनपटी पर तानी पिस्टल, खोला स्ट्रॉन्ग रूम
दहशत का माहौल बनाने के बाद तीन बदमाश सीधे शाखा प्रबंधक अजीत कुमार के केबिन में घुसे। कनपटी पर पिस्टल रखकर जान से मारने की धमकी दी गई और स्ट्रॉन्ग रूम व कैश चेस्ट की चाबियां छीन ली गईं।
बदमाशों ने सबसे पहले कैश चेस्ट से 43 लाख रुपये निकाले, लेकिन उनका मुख्य निशाना ग्राहकों का गिरवी रखा सोना था। बदमाशों ने गोल्ड सेफ से करीब 600 सीलबंद पैकेट निकाले, जिनमें लगभग 23.8 किलोग्राम सोना था। इस सोने की बाजार कीमत करीब 36 करोड़ रुपये आंकी गई है।
24 मिनट में 6 बैग भरकर फरार
पूरी वारदात बेहद सधे हुए और पेशेवर तरीके से अंजाम दी गई:
9:48 AM: बदमाश बैंक के भीतर दाखिल हुए।
10:12 AM: कुल 6 बैगों में सोना और नकदी भरकर बाहर निकल गए।
बाहर तेज बारिश हो रही थी, जिसका फायदा उठाकर कुछ बदमाश बाहर खड़ी मोटरसाइकिलों पर सवार होकर भागे, तो कुछ तंग गलियों के रास्ते पैदल ही गायब हो गए।
SIT का गठन, अंतरराज्यीय सीमाएं सील
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। पड़ोसी राज्यों—ओडिशा और पश्चिम बंगाल—को जाने वाले सभी मुख्य मार्गों पर नाकाबंदी कर चेकिंग तेज कर दी गई है।
पुलिस बैंक और आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगाल रही है। प्राथमिक जांच में इस वारदात के तरीके (Modus Operandi) की तुलना बिहार के कुख्यात सुबोध सिंह गिरोह की कार्यशैली से की जा रही है, जो पहले भी बारिश के दौरान रेनकोट पहनकर गोल्ड लोन कंपनियों/बैंकों को निशाना बनाने के लिए जाना जाता रहा है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि यह अभी जांच का एक एंगल है और किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
दिनदहाड़े हुई इस दुस्साहसिक डकैती ने बैंक की सुरक्षा प्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इतने व्यस्त इलाके में पांच हथियारबंद बदमाशों का आसानी से दाखिल होना, स्ट्रॉन्ग रूम तक पहुंचना और करोड़ों का माल समेटकर निकल जाना, सुरक्षा में भारी चूक की ओर इशारा करता है। फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती लूटे गए 23.8 किलो सोने की बरामदगी और फरार बदमाशों की गिरफ्तारी है।

