न OTP, न साइबर फ्रॉड... 'मौसा जी' कहकर छुए पैर, फिर अंगूठी लेकर चंपत

0
Translate News:

 

बिजनौर: 'मौसा जी' कहकर छुए पैर, फिर अंगूठी का डिजाइन देखने के बहाने 70 वर्षीय बुजुर्ग से कर दी ठगी; दो आरोपी गिरफ्तार

बिजनौर (उत्तर प्रदेश): डिजिटल और ऑनलाइन फ्रॉड के दौर में ठगी का एक बेहद हैरान कर देने वाला और पारंपरिक 'साइकोलॉजिकल मोड्स ऑपरेंडी' (मनोवैज्ञानिक तरीका) का मामला सामने आया है। यहाँ किसी OTP या बैंक फ्रॉड का सहारा न लेकर, शातिर ठगों ने केवल भावनात्मक जुड़ाव और सम्मान का दिखावा कर एक बुजुर्ग को चूना लगा दिया।

'मौसा जी नमस्ते!'... पैर छूकर आशीर्वाद लिया और पलक झपकते ही ले उड़े सोने की अंगूठी, पढ़ें बिजनौर का अनोखा मामला

रास्ते में रोककर बनाई रिश्तेदारी

मामला बिजनौर के सिटी कोतवाली क्षेत्र का है। 70 वर्षीय सुभाष कुमार वर्मा बाजार से घर का जरूरी सामान खरीदने निकले थे। रास्ते में बिना नंबर की काली मोटरसाइकिल पर आए दो युवकों ने उन्हें अचानक रोक लिया। युवकों ने ऐसा व्यवहार किया जैसे वे बुजुर्ग को वर्षों से जानते हों।

एक युवक ने बेहद आदर से उन्हें 'मौसा जी' कहकर संबोधित किया और अपने साथी को उनके पैर छूकर आशीर्वाद लेने को कहा। बुजुर्ग ने भी अनजाने में रिश्तेदार समझकर उसे दिल से आशीर्वाद दे दिया।

ऐसे जीता भरोसा: पहली बार अंगूठी देखकर वापस कर दी

बुजुर्ग को पूरी तरह झांसे में लेने के बाद एक ठग ने मोबाइल पर बात करने का नाटक किया। इसके बाद उसने सुभाष कुमार जी से कहा कि उसे भी ऐसी ही सोने की अंगूठी खरीदनी है और उनके हाथ की अंगूठी का डिजाइन काफी पसंद आ रहा है।

उसने डिजाइन देखने के बहाने पहली बार बुजुर्ग से अंगूठी मांगी। बुजुर्ग ने अंगूठी दे दी और आरोपी ने कुछ देर देखकर उसे वापस लौटा दिया। पहली बार अंगूठी वापस मिलने पर बुजुर्ग के मन में सुरक्षा का पूरा भरोसा बैठ गया।

दूसरी बार में अंगूठी लेकर हुए रफूचक्कर

कुछ ही देर बाद आरोपियों ने दोबारा वही बात छेड़ी और एक बार फिर डिजाइन ठीक से देखने के नाम पर अंगूठी मांगी। इस बार जैसे ही अंगूठी ठगों के हाथ में आई, वे तुरंत मौके से खिसक गए। जाते-जाते वे बुजुर्ग से यह भी बोल गए कि "हमारी पत्नी आपके घर पर ही बैठी है, आप घर पहुंचिए, हम भी वहीं आते हैं।"

जब सुभाष कुमार घर पहुंचे तो वहां कोई महिला मौजूद नहीं थी। तब जाकर उन्हें अहसास हुआ कि रिश्तेदार बनकर सम्मान जताने वाले युवक असल में शातिर ठग थे।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई: दोनों आरोपी दबोचे गए

पीड़ित बुजुर्ग ने 13 सितंबर को सिटी कोतवाली में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की और दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया:

  1. विनोद कुमार शर्मा – निवासी गोजानी (थाना रामनगर, जिला नैनीताल, उत्तराखंड)

  2. कालीचरण – निवासी डोहरिया (थाना नवाबगंज, जिला बरेली, उत्तर प्रदेश)

पुलिस ने अभियुक्तों के पास से ठगी गई पीली धातु (सोने) की अंगूठी और वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की काले रंग की बाइक बरामद कर ली है। फिलहाल पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है कि क्या उन्होंने इस तरह की अन्य वारदातों को भी अंजाम दिया है।

पुलिस अपील और सतर्कता संदेश

इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि ठग केवल साइबर माध्यमों से ही नहीं, बल्कि सड़कों पर भावनात्मक और रिश्तेदारी का ढोंग रचकर भी बुजुर्गों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के अचानक 'रिश्तेदार' बनने या आदर-सम्मान जताने पर सतर्क रहें और अपनी कीमती वस्तुएं किसी भी स्थिति में अनजान हाथों में न सौंपें।

Post a Comment

0Comments
Post a Comment (0)
Loading...
To Top