16 दिन का कठिन सफर और 3 लाख का गोल्ड लोन: कर्नाटक से सूरत तक के संघर्ष की मिसाल

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ट्रेन का टिकट नहीं मिला तो 2,000 किमी बाइक चलाकर सूरत पहुंचा परिवार; गहने गिरवी रखकर शुरू किया कपड़े का बिजनेस

चित्रदुर्गा / सूरत। "मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है।" इस कहावत को सच कर दिखाया है कर्नाटक के चित्रदुर्गा जिले के रहने वाले श्रीमंत और उनके परिवार ने। कपड़े का बिजनेस शुरू करने के अपने जुनून को पूरा करने के लिए इस परिवार ने वो कर दिखाया, जिसकी आम तौर पर कल्पना भी नहीं की जा सकती।

गहने गिरवी रखे, 16 दिन बाइक चलाई... सूरत के अजमेरा फैशन पहुंचने की इस परिवार की कहानी रुला देगी!

ट्रेन की कंफर्म टिकट न मिलने पर यह परिवार हार मानने के बजाय दो बाइकों पर सवार होकर कर्नाटक से सूरत (गुजरात) के लिए निकल पड़ा। करीब 2,000 किलोमीटर का यह दुर्गम सफर तय कर जब यह परिवार सूरत पहुंचा, तो इनकी कहानी सुनकर हर कोई भावुक हो गया।

3.5 फीट की दुकान से कतर में नौकरी तक का सफर

श्रीमंत की जिंदगी पहले से ही संघर्षों से भरी रही है। चित्रदुर्गा में उनकी महज 3.5 फीट चौड़ी और 5 फीट लंबी एक बहुत छोटी सी दुकान थी। इसी दुकान के सहारे उन्होंने 5 साल तक अपने परिवार का भरण-पोषण किया। लेकिन विपरीत परिस्थितियों के कारण उन्हें वह दुकान छोड़नी पड़ी और आजीविका की तलाश में दोहा (कतर) जाकर छोटी-मोटी नौकरी करनी पड़ी।

विदेश में काम करने के बावजूद उनका मन हमेशा भारत में अपना बिजनेस शुरू करने का ही था। कतर में रहते हुए उन्होंने यूट्यूब पर 'अजमेरा फैशन' के वीडियो देखे और तय कर लिया कि भारत लौटकर कपड़े का ही व्यापार करना है।

पत्नी ने गिरवी रखे गहने, मिला 3 लाख का गोल्ड लोन

कतर से वापस गांव लौटने के बाद जब उन्होंने परिवार के सामने बिजनेस का प्रस्ताव रखा, तो सबसे बड़ी चुनौती पूंजी की थी। ऐसे मुश्किल वक्त में श्रीमंत की पत्नी ने मिसाल पेश करते हुए अपने सोने के गहने बैंक में गिरवी रख दिए, जिससे उन्हें 3 लाख रुपये का गोल्ड लोन मिला।

बारिश और कठिनाइयों के बीच 16 दिनों की बाइक यात्रा

बिजनेस के लिए माल खरीदने सूरत जाना जरूरी था, लेकिन ट्रेन में कंफर्म टिकट नहीं मिल पा रही थी। श्रीमंत ने रुकने के बजाय दो बाइकें निकालीं, पूरा सामान पैक किया और परिवार के साथ सुबह 7 बजे सूरत के लिए निकल पड़े।

गुलबर्गा, हैदराबाद, नागपुर और अहमदाबाद होते हुए 15 से 16 दिनों की यह यात्रा बेहद कठिन रही। रास्ते में भारी बारिश और थकान के बावजूद वे रुके नहीं और आखिरकार सूरत के टेक्स्टाइल हब पहुंच गए।

अजय अजमेरा हुए भावुक, दिया ऑन-द-स्पॉट स्पेशल सपोर्ट

जब अजमेरा फैशन के संस्थापक और डायरेक्टर अजय अजमेरा को इस 2,000 किमी लंबे बाइक सफर और परिवार के संघर्ष की जानकारी मिली, तो वे काफी भावुक हो गए।

अजय अजमेरा ने कहा, "जुनून किसे कहते हैं, यह मुझे इस भाई से सीखने को मिला है। अजमेरा फैशन के लिए इससे बड़े सम्मान की बात क्या हो सकती है कि कोई परिवार सिर्फ हमसे जुड़ने के लिए इतनी कठिन यात्रा करके आया है।"

अजय सर ने तुरंत इस परिवार को अपने बिजनेस पार्टनर के रूप में अपनाया और उन्हें व्यापार में किसी भी तरह की रुकावट से बचाने के लिए ऑन-द-स्पॉट स्पेशल डायरेक्ट सपोर्ट प्रदान किया, ताकि वे अपने क्षेत्र में एक सफल कपड़ा व्यापारी बन सकें।

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