दिल्ली: कचरे से अटे तिलक नगर फ्लाईओवर के नीचे अकेले साफ की पूरी जगह, 'आसिफ हिंदुस्तानी' के जज्बे को सलाम
नई दिल्ली:सोशल मीडिया पर इन दिनों दिल्ली के एक युवक मोहम्मद आसिफ, जिन्हें लोग 'आसिफ हिंदुस्तानी' (Asif Hindustani) के नाम से जानते हैं, का जज्बा छाया हुआ है।
सिर्फ 24 घंटे में बदली तस्वीर
महज एक रेक (कांटा), झाड़ू और कूड़े वाले बैग लेकर आसिफ इस गंदे इलाके में उतरे और बिना किसी की मदद के लगातार मेहनत करते हुए महज 24 घंटों के भीतर पूरे कचरे के ढेर को साफ कर दिया। उनके इस डेडिकेशन वाले वीडियो और रील्स ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। लोग उनकी तुलना मध्य प्रदेश की अजनाड़ नदी को अपने दम पर साफ करने वाले मशहूर स्वच्छता एक्टिविस्ट 'बिट्टू तबाही' (सुरेंद्र सिंह चौधरी) से कर रहे हैं और उन्हें "बिट्टू तबाही 2.0" कहकर बुला रहे हैं।
असली चुनौती: लोगों का सिंड्रोम और नागरिक कर्तव्य
सफाई पूरी करने के बाद आसिफ ने एक कड़वी लेकिन जरूरी सच्चाई सामने रखी। उन्होंने बताया कि केवल एक बार साफ कर देने से समस्या हमेशा के लिए खत्म नहीं होती। जब तक आम जनता जागरूक नहीं होगी और सार्वजनिक जगहों की सुरक्षा के लिए फेंसिंग (चारदीवारी) जैसे उपाय नहीं किए जाएंगे, तब तक ये साफ किए गए स्थान दोबारा कचरा डंपिंग ग्राउंड बन सकते हैं।
आसिफ का यह अभियान सिर्फ कागजी या दिखावटी नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक को उसकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी और सिविक सेंस (नागरिक कर्तव्य) की याद दिलाता है।

