पूर्वी चंपारण के लाल डॉ. प्रकाश खेतान का चिकित्सा जगत में बड़ा कारनामा: बिना सिर खोले नाक के रास्ते निकाला ब्रेन ट्यूमर, मरीज की आंखों की लौटी रोशनी
मोतिहारी / प्रयागराज : चिकित्सा जगत में पूर्वी चंपारण (बिहार) का नाम एक बार फिर गर्व से ऊंचा हुआ है। मोतिहारी के स्टेशन रोड निवासी और देश के प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन डॉ. प्रकाश खेतान ने एक और अत्यंत जटिल और दुर्लभ सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
प्रयागराज स्थित अपने निजी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में डॉ. खेतान और उनकी वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम ने एंडोस्कोपिक ट्रांसनेजल ट्रांसफेनाइडल विधि (Endoscopic Transnasal Transsphenoidal Surgery) से मरीज के मस्तिष्क को बिना खोले, नाक के रास्ते दूरबीन डालकर पिट्यूटरी मैक्रोएडेनोमा (ब्रेन ट्यूमर) को सुरक्षित बाहर निकाल दिया।
खो चुकी आंखों की रोशनी वापस लौटी
नैसीपुर (प्रयागराज) निवासी मरीज विजया कुमारी के मस्तिष्क की पिट्यूटरी ग्रंथि में ट्यूमर का आकार काफी बड़ा हो चुका था। ट्यूमर के अत्यधिक दबाव के कारण मरीज की आंखों की रोशनी पूरी तरह जा चुकी थी। आमतौर पर ऐसी जटिल सर्जरी में सिर की हड्डी को खोलना पड़ता है, जिसमें जान का भारी जोखिम रहता है।
डॉ. खेतान ने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए बिना किसी चीर-फाड़ के नाक के रास्ते एंडोस्कोप प्रवेश कराकर ट्यूमर को पूरी तरह निकाल दिया। इस सफल ऑपरेशन के तुरंत बाद मरीज की जा चुकी दृष्टि पूरी तरह वापस लौट आई।
ऑपरेशन की सफलता पर मरीज के पति विजय बहादुर ने भावुक होते हुए कहा, "डॉ. प्रकाश खेतान हमारे परिवार के लिए भगवान बनकर आए हैं। उन्होंने मेरी पत्नी को नया जीवन और रोशनी दी है।"
लाखों का ऑपरेशन अत्यंत किफायती खर्च में
जहां बड़े कॉरपोरेट और मेट्रो अस्पतालों में इस प्रकार की एडवांस एंडोस्कोपिक न्यूरोसर्जरी का खर्च 15 से 20 लाख रुपये तक आता है, वहीं डॉ. प्रकाश खेतान ने इस अत्यंत जटिल सर्जरी को बेहद कम और किफायती खर्च में पूरा किया।
उनकी इस ऐतिहासिक सफलता पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने फोन पर डॉ. खेतान को बधाई दी। इसके अलावा कई केंद्रीय व राज्य कैबिनेट मंत्रियों और वरिष्ठ चिकित्सकों ने भी उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है नाम
डॉ. प्रकाश खेतान कोई साधारण नाम नहीं हैं। दुनिया का सबसे बड़ा ब्रेन ट्यूमर सफलतापूर्वक निकालने सहित कई अति-जटिल ऑपरेशनों के लिए उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज है।
अपनी माटी से जुड़ाव: हर महीने मोतिहारी में देते हैं नि:शुल्क/मुफ्त सेवा
डॉ. प्रकाश खेतान मोतिहारी के प्रसिद्ध समाजसेवी दिवंगत पशुपतिनाथ खेतान एवं दिवंगत सावित्री खेतान के सुपुत्र हैं। प्रयागराज में अंतरराष्ट्रीय स्तर का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल चलाने के बावजूद वे अपनी जन्मभूमि को नहीं भूले हैं। डॉ. खेतान हर महीने नियम से 4 दिन मोतिहारी आते हैं और अपने माता-पिता की पवित्र स्मृति में स्थानीय मरीजों का इलाज व सेवा करते हैं।

