धर्म के नाम पर 'पाप' का अनोखा कारनामा: कानपुर में भंडारे के बर्तन किराए पर लेकर कबाड़ में बेचे, चाचा-भतीजे ने 1 महीने में ठगे ₹9 लाख
कानपुर (उत्तर प्रदेश) : स्मार्ट सिटी कानपुर में ठगी का एक बेहद हैरान कर देने वाला और अनोखा मामला सामने आया है। यहाँ धर्म और भंडारे का ढोंग रचकर टेंट हाउस संचालकों की गाढ़ी कमाई पर डाका डालने वाले 'चाचा-भतीजे' की शातिर जोड़ी का पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है। आरोप है कि इस जोड़ी ने महज एक महीने के भीतर करीब एक दर्जन टेंट हाउस वालों से विशाल भंडारे और शादी-समारोह के नाम पर पीतल-एल्युमिनियम के भारी बर्तन किराए पर लिए और फिर उन्हें कबाड़ी की दुकान पर बेच डाला।
क्या है पूरा मामला?
कानपुर के सीसामऊ और आसपास के इलाकों में जवाहर नगर निवासी अमित लखवानी और उसके भतीजे सुमित पासवान ने ठगी का यह मॉडल तैयार किया। आरोपी शहर के अलग-अलग टेंट हाउस के चक्कर लगाते थे।
विश्वास दिलाने के लिए आरोपी टेंट संचालकों को थोड़ी-बहुत एडवांस राशि भी थमा देते थे। टेंट संचालक भी धर्म-कर्म का काम समझकर खुशी-खुशी बर्तन लाद देते थे।
भंडारे की जगह कबाड़ी की दुकान पर चढ़े बर्तन
टेंट हाउस से निकले ये बर्तन किसी धार्मिक पंडाल में सजने की बजाय सीधे कबाड़ी के तराजू पर तौले जाते थे। सामान का नगद पैसा मिलते ही चाचा-भतीजा रफूचक्कर हो जाते।
जब कई दिन बीत जाने के बाद भी बर्तन वापस नहीं लौटे, तो पीड़ित कारोबारियों ने दोनों से संपर्क साधा।
लगभग ₹9 लाख की ठगी, पुलिस ने कसा शिकंजा
पीड़ित कारोबारियों के मुताबिक, गायब किए गए बर्तनों और टेंट के सामान की कुल कीमत लगभग 9 लाख रुपये है।
कानपुर पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है और सस्ते में बर्तन खरीदकर मुनाफा कमाने वाले कबाड़ियों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है।

