बांसवाड़ा में PHED का कारनामा: मीटर में 'जीरो' रीडिंग, बिल में 180 यूनिट की खपत; लोगों में आक्रोश

0
Translate News:

बिना पानी सप्लाई के थमाया सालभर का बिल, जीरो मीटर रीडिंग पर ठोंका 180 यूनिट का खर्चा; जलदाय विभाग के कारनामे से बांसवाड़ा में आक्रोश

बांसवाड़ा : जलदाय विभाग के लापरवाह और 'जाबाज़' जिम्मेदार अधिकारियों की अद्भुत कार्यप्रणाली का एक अनोखा कारनामा बांसवाड़ा शहर में देखने को मिला है। शहर के उदयपुर मार्ग स्थित सियाराम मार्ग कॉलोनी में पीएचईडी (जलदाय विभाग) ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। विभाग ने जिन उपभोक्ताओं के घर महज 6 महीने पहले नल का कनेक्शन जोड़ा था, उन्हें पूरे सालभर पहले की अवधि का पानी का भारी-भरकम बिल थमा दिया गया है।

बांसवाड़ा: सियाराम मार्ग कॉलोनी में जलदाय विभाग की बड़ी लापरवाही, 6 महीने पुराने कनेक्शन पर जारी किया सालभर का बिल
अजीबोगरीब बात तो यह है कि कई घरों में आज तक पानी की एक बूंद सप्लाई नहीं हुई है, लेकिन उनके हाथों में हजारों रुपये के बिल थमा दिए गए हैं।

कागजों में 180 यूनिट खपत, मौके पर मीटर 'जीरो'

विभाग की इस मनमानी और कारनामे का सबसे बड़ा प्रमाण मीटर रीडिंग में सामने आया है। स्थानीय निवासियों ने जब बिलों की जांच की, तो पता चला कि मौके पर लगे नल मीटरों में जीरो (0) यूनिट दर्ज है। वहीं दूसरी ओर, जलदाय विभाग द्वारा जारी किए गए बिलों में सीधे 180 यूनिट की खपत दर्शा दी गई है।

बिना मीटर रीडिंग लिए और बिना पानी दिए दफ्तर में बैठकर फर्जी तरीके से बिल बनाने का यह खेल करीब एक-दो घरों में नहीं, बल्कि पूरी कॉलोनी के लगभग 150 परिवारों के साथ हुआ है।

अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर खड़े हुए गंभीर सवाल

  • नियमों की धज्जियां: जब नल कनेक्शन लगे केवल 6 महीने हुए हैं, तो सालभर पुराना बिल किस नियम के तहत जारी किया गया?

  • फर्जी मॉनिटरिंग: क्या जलदाय विभाग के कर्मचारी मौके पर जाकर रीडिंग लेने के बजाय केवल दफ्तर में बैठकर ही अनुमानित और मनगढ़ंत आंकड़े दर्ज कर रहे हैं?

  • बिना सप्लाई के वसूली: जिन उपभोक्ताओं के घरों में पानी का एक कतरा नहीं पहुंचा, उनसे हजारों रुपये किस बात के मांगे जा रहे हैं?

मोहल्लेवासियों ने उठाई जांच और कार्रवाई की मांग

अचानक पहुंचे इन भारी-भरकम और फर्जी बिलों को देखकर सियाराम मार्ग कॉलोनी के निवासियों में भारी रोष और नाराजगी व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलदाय विभाग के अधिकारी जनता की समस्याओं को सुलझाने के बजाय उल्टे उन पर आर्थिक बोझ डाल रहे हैं।

कॉलोनीवासियों ने विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि:

  1. इस पूरे फर्जी बिलिंग प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

  2. जारी किए गए गलत बिलों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दुरुस्त किया जाए।

  3. दफ्तर में बैठकर जनता का शोषण करने वाले लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

अब देखना यह होगा कि मामले की पोल खुलने के बाद जलदाय विभाग के उच्च अधिकारी इस पर क्या संज्ञान लेते हैं या कागजी खेल यूं ही जारी रहेगा।

Post a Comment

0Comments
Post a Comment (0)
Loading...

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !
To Top