किराये के घर को बनाया मस्जिद, कमरा खाली कराने गई पुलिस पर किया हमला

Translate News:

   नई दिल्ली।। पूर्वी दिल्ली के मंडावली में एक पुलिस दल पर कुछ लोगों द्वारा हमला किए जाने के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। घटना रविवार शाम की है। शनिवार दोपहर को पुलिस के पीसीआर दल को उक्त इलाके में लड़ाई की एक शिकायत मिली थी। जब पुलिस दल बताई गई जगह पर पहुंचा तब स्थानीय लोगों ने उनपर मस्जिद को गिराने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
     उधर, पुलिस दल का दावा है कि मंडावली के नेहरू कैंप में जिस 8×10 स्क्वेयर फुट के विवादित क्षेत्र का इस्तेमाल धार्मिक जगह के तौर पर किया जा रहा था वह पहले से ही क्षतिग्रस्त था। पुलिस का दावा है कि उन्होंने विवादित स्थल को हाथ भी नहीं लगाया है।
क्या है मामला
    एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पूरी घटना के बारे में बताते हुए कहा कि मस्जिद के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा विवादित कमरा एक व्यक्ति का था। उसने अपना कमरा किसी और धर्म को मानने वाले एक परिवार को किराये पर दिया था। पिछले 2 महीने से उक्त कमरे का इस्तेमाल एक मस्जिद के तौर पर होने लगा है।
     आरोप है कि जब कमरे के मालिक ने किरायेदारों को कमरा खाली करने के लिए कहा तो उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया। इसी बात पर मकान मालिक और किरायेदार के बीच में बहस और लड़ाई शुरू हो गई, जिसकी सूचना पुलिस को दी गई थी। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर पूरा मामला जानने के बाद मकान मालिक के पक्ष में फैसला दिया।
ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी पर हमला
    इस घटना के बाद रविवार को शाम के समय जब हेड कॉन्स्टेबल सोमपाल और कॉन्स्टेबल अजित मंडावली पुलिस स्टेशन की ओर जा रहे थे तब उन्होंने गौर किया कि कुछ लोग हाथ में डंडे और पत्थर लेकर उन दोनों का पीछा कर रहे हैं। लोगों ने पुलिस की गाड़ी पर पत्थर फेंके, जिसमें 2 कॉन्स्टेबल घायल हो गए। हमले की इस घटना के बाद पुलिस ने इलाके में जगह-जगह छापेमारी की। एक महिला सहित 12 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस ने सभी पकड़े गए लोगों पर दंगा-फसाद करने, डाका डालने और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी पर हमला करने का मामला दर्ज किया है।
    हेड कॉन्स्टेबल सोमपाल, जो कि पकड़े गए 12 लोगों के खिलाफ लिखवाई गई शिकायत में शिकायतकर्ता हैं, का कहना है कि पीछा कर रहे लोगों ने उनपर और अजित पर पत्थर फेंककर हमला किया और उन्हें मारा भी। दोनों पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं।
    पुलिस ने विवादित कमरे में रह रहे किरायेदारों अजमेरी और नूर-उन्हूदा को भी गिरफ्तार किया है। किरायेदारों का आरोप है कि पुलिस ने शाम को उनके कमरे पर आकर प्रार्थना में बाधा खड़ी की। उनका यह भी कहना है कि कमरे को पिछले 5 महीने से मस्जिद के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था।
    स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस ने उक्त कमरे में घुसकर इबादत से जुड़ी चीजें बाहर फेंक दी। उनका दावा है कि पुलिस ने कमरे को क्षति भी पहुंचाई। पुलिस दल पीडब्ल्यूडी की जमीन पर बनी एक मस्जिद को गिराने की कोशिश कर रही थी।
सरकारी जमीन हथियाने की कोशिश
    एक अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने इन सभी आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा, ‘उक्त कमरा अवैध है और उसे PWD की जमीन पर बनाया गया है। वह कोई मस्जिद या धार्मिक जगह नहीं थी। वह बस एक कमरा था, जिसका इस्तेमाल पिछले कुछ दिनों से धार्मिक गतिविधियों माध्यम से सरकारी जमीन हथियाने की कोशिश की जा रही है।
Loading...

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !
To Top