बांसवाड़ा: पंचायतीराज आम चुनाव-2026 के द्वितीय चरण में दिखा गजब का उत्साह, शांतिपूर्ण माहौल में 76.56% मतदान दर्ज
बांसवाड़ा : राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 के तहत बांसवाड़ा जिले में लोकतंत्र का महापर्व बेहद उत्साह के साथ मनाया गया। द्वितीय चरण के अंतर्गत बुधवार को जिले की चार प्रमुख पंचायत समितियों—छोटी सरवन, गनोड़ा, घाटोल और तलवाड़ा—क्षेत्रों में जिला परिषद के 11 सदस्यों और पंचायत समितियों के 74 सदस्यों के निर्वाचन के लिए मतदान शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
शाम 6:00 बजे मतदान प्रक्रिया समाप्त होने तक पूरे जिले में कुल 76.56 प्रतिशत भारी मतदान दर्ज किया गया, जिसमें कुल 2,72,948 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर प्रत्याशियों के राजनीतिक भविष्य की किस्मत को मतपेटियों व ईवीएम में कैद किया।
पंचायत समितिवार मतदान का प्रतिशत एवं डाले गए कुल मत:
द्वितीय चरण के दौरान बांसवाड़ा जिले की चारों पंचायत समितियों में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
घाटोल पंचायत समिति: 77.67% मतदान (कुल 1,18,635 मत डाले गए) — जिले में सर्वाधिक मतदान
छोटी सरवन पंचायत समिति:
77.60% मतदान (कुल 55,085 मत डाले गए) तलवाड़ा पंचायत समिति:
76.63% मतदान (कुल 47,408 मत डाले गए) गनोड़ा पंचायत समिति: 73.07% मतदान (कुल 51,820 मत डाले गए)
जिला निर्वाचन अधिकारी ने किया बूथों का औचक निरीक्षण
पूरी मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. इंद्रजीत यादव ने खुद मोर्चा संभालते हुए नादिया, छोटी सरवन, मुलिया, खजुरी, गागरवा, हरियापाड़ा, तेजपुर, सुरपुर, पड़ोली गोर्धन, अमरथुन, देवदा और सेनावसा सहित विभिन्न मतदान केंद्रों का सघन दौरा किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के लिए की गई बुनियादी व्यवस्थाओं, सुचारू मतदान प्रक्रिया और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों का बारीकी से जायजा लिया। साथ ही, मौके पर मौजूद मतदान दलों और संबंधित अधिकारियों से फीडबैक लेते हुए आवश्यक व कड़े दिशा-निर्देश दिए।
सुबह से ही बूथों पर लगी लंबी कतारें, सुरक्षा के रहे कड़े बंदोबस्त
मतदान को लेकर ग्रामीण अंचलों में गजब का उत्साह देखने को मिला। सुबह 7:00 बजे मतदान शुरू होने के साथ ही विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी-लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं।
जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी लगातार संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर भ्रमण करते रहे और कानून-व्यवस्था की पल-पल की मॉनिटरिंग करते रहे, जिससे पूरा चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।

