उदयपुर : उदयपुर में वकीलों का आंदोलन अब और भी मुखर हो गया है। सवीना थाना क्षेत्र में एक वकील और उनके सहयात्रियों पर हुए पथराव के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली के खिलाफ वकीलों का आक्रोश सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंच गया। पुलिस प्रशासन की कथित निष्क्रियता और लापरवाही के विरोध में वकीलों ने अनूठा रास्ता अपनाते हुए एसपी ऑफिस के ठीक नीचे सामूहिक सुंदरकांड का पाठ किया।
कलेक्ट्रेट में गूंजा सुंदरकांड, पुलिस की सद्बुद्धि की प्रार्थना
सोमवार को बड़ी संख्या में अधिवक्ता जिला कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित हुए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। वकीलों का आरोप है कि पुलिस भूमाफियाओं को संरक्षण दे रही है, जिसके चलते अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। पुलिस अधिकारियों को उनकी कथित भूल का अहसास कराने और 'सद्बुद्धि' के लिए वकीलों ने दरियां बिछाकर शांतिपूर्ण लेकिन कड़े विरोध के रूप में सुंदरकांड का पाठ किया।
मुख्य मांग: सवीना सीआई को तुरंत हटाने पर अड़े वकील
इस पूरे आंदोलन की मुख्य मांग सवीना थानाधिकारी (CI) दलबीर सिंह को तत्काल प्रभाव से पद से हटाने और लाइन हाजिर करने की है। वकीलों का साफ कहना है कि जब तक थानाधिकारी को हटाया नहीं जाता, उनका यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
इस बीच, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वकीलों के एक प्रतिनिधिमंडल की उदयपुर रेंज आईजी गौरव श्रीवास्तव के साथ मुलाकात और उच्चस्तरीय वार्ता की संभावना जताई जा रही है, जिसमें पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग प्रमुखता से रखी जाएगी।
छावनी में बदला कलेक्ट्रेट, भारी पुलिस बल तैनात
वकीलों के उग्र तेवरों और बढ़ते प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस भी पूरी तरह सतर्क नजर आई। कलेक्ट्रेट परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए डीएसपी छवि शर्मा और डीएसपी रविंद्र चारण के नेतृत्व में चार अलग-अलग थानों का भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है, ताकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रहे।
इस धरने-प्रदर्शन में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र जैन, पूर्व अध्यक्ष भरत जोशी, राकेश मोगरा और पूर्व महासचिव चेतनपुरी गोस्वामी सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ता और स्थानीय नागरिक भी समर्थन में शामिल हुए।
क्या है पूरा विवाद? (प्लॉट विवाद और थाने में धमकी का आरोप)
यह पूरा मामला सवीना क्षेत्र के गोविंद नगर स्थित एक भूखंड से जुड़ा है। बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव चेतनपुरी गोस्वामी ने जानकारी देते हुए बताया कि साथी वकील राजेश जाजोदिया के रिश्तेदार देवेंद्र अग्रवाल के प्लॉट पर कौशल आमेटा नामक व्यक्ति द्वारा अवैध कब्जा करने और पथराव करने का प्रयास किया गया।
आरोप है कि जब इस मामले की शिकायत लेकर पीड़ित पक्ष थाने पहुंचा, तो पुलिस ने उचित कार्रवाई करने के बजाय ढुलमुल रवैया अपनाया। इतना ही नहीं, वकीलों का यह भी आरोप है कि थाने के भीतर ही आरोपी द्वारा धमकी दी गई, जिससे वकीलों में रोष व्याप्त हो गया। वकीलों की दो टूक मांग है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार थानाधिकारी पर जल्द कार्रवाई हो, अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

