सरकारी रास्ते पर अतिक्रमण करने वाले को 90 दिन का सिविल कारावास, इधर जिला कलक्टर ने परखी पंचायत चुनाव की तैयारियां
दौसा:
जिले से प्रशासन और कानून व्यवस्था को लेकर दो बड़ी खबरें सामने आई हैं। एक तरफ जहां राजस्व न्यायालय ने सरकारी रास्ते पर अवैध कब्जा करने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उसे 90 दिन के सिविल कारावास की सजा सुनाई है , वहीं दूसरी ओर आगामी पंचायत आम चुनाव-2026 को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
1. रास्ता भूमि पर अतिक्रमण पर कड़ा एक्शन: 90 दिन का सिविल कारावास और जुर्माना
दौसा तहसील के ग्राम झेरा में सरकारी रास्ते की भूमि पर कब्जा करने वाले अतिक्रमणकारी के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा एक्शन लिया है। तहसीलदार गजानंद मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम झेरा स्थित खसरा नंबर 31 की 0.05 हेक्टेयर गैर मुमकिन रास्ता भूमि पर रामगणेश पुत्र नारायण ब्राह्मण द्वारा तारबंदी और बाड़ लगाकर अवैध अतिक्रमण किया गया था।
इस मामले में सरकार बनाम राम गणेश (प्रकरण संख्या 35/2026) के तहत राजस्व न्यायालय ने राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धारा 91 के प्रावधानों के तहत सुनवाई की। दोष सिद्ध होने पर न्यायालय ने अतिक्रमी को 90 दिवस के सिविल कारावास की सजा सुनाई है।
2. पंचायत चुनाव-2026: जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने महवा और बांदीकुई में परखी व्यवस्थाएं
जिले में आगामी पंचायत आम चुनाव-2026 को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलक्टर डॉ.
महवा दौरा: कलक्टर ने महवा उपखंड कार्यालय में अधिकारियों के साथ मैराथन बैठक कर चुनाव तैयारियों की समीक्षा की।
इसके बाद उन्होंने बालाहेड़ी और वीरपुर पहुंचकर मतदान केंद्रों का बारीकी से निरीक्षण किया तथा वहां मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया। बांदीकुई दौरा: महवा के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी ने बांदीकुई उपखंड कार्यालय पहुंचकर चुनाव कार्यों की प्रगति पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने पिछूपाड़ा खुर्द स्थित मतदान केंद्र का निरीक्षण किया और मतदान के दौरान सुरक्षा व अन्य व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस दौरे के दौरान पंचायत समितियों के रिटर्निंग अधिकारी, सहायक रिटर्निंग अधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक (DSP), विकास अधिकारी (BDO) और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अन्य प्रमुख अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशासन की इन सख्त और सक्रिय कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि जिले में कानून व्यवस्था और आगामी चुनावी तैयारियों को लेकर प्रशासन किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।

