बड़ा खुलासा: बांसवाड़ा में विकास के नाम पर 'कागजों' में बहे लाखों रुपये! NTPC/CSR फंड में बड़ा घोटाला, बिना काम के ही डकार गए सरकारी पैसा
बांसवाड़ा / छोटी सरवन : बांसवाड़ा जिले की छोटी सरवन पंचायत समिति में सरकारी खजाने में बड़ी सेंधमारी और वित्तीय अनियमितताओं का खौफनाक सच सामने आया है। जिला परिषद सीईओ के मौखिक निर्देशों के बाद जब कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (CSR / NTPC) योजना के तहत स्वीकृत विकास कार्यों की धरातल पर जांच की गई, तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए। कागजों में लाखों रुपये का भुगतान कर दिया गया, जबकि धरातल पर या तो एक ईंट तक नहीं रखी गई या फिर आधा-अधूरा काम छोड़कर पूरा पैसा डकार लिया गया।
विकास अधिकारी (BD0) छोटी सरवन द्वारा की गई जांच में ग्राम पंचायत नापला, बारी और कटुम्बी में हुए इस बड़े गबन की परतें खुल गई हैं।
🚨 कहाँ-कहाँ हुआ खेल? देखें घोटाले का पूरा कच्चा-चिट्ठा:
रा.प्रा.वि. नापला में टिनशेड निर्माण: जिला परिषद से ₹2,75,000/- की पहली किश्त जारी हुई। ग्राम विकास अधिकारी (VDO) व प्रशासक श्रीमती गवरा भगोरा ने यह पूरा पैसा मेसर्स जय अम्बे ट्रेडर्स को जारी कर दिया। सच्चाई: मौके पर शून्य काम, ना कोई सामान खरीदा गया, ना ही स्टॉक में कोई एंट्री हुई।
रा.उ.प्रा.वि. किकापाड़ा में टिनशेड निर्माण: यहाँ भी ₹2,75,000/- की किश्त मिलते ही VDO व प्रशासक श्रीमती गवरा भगोरा ने जय अम्बे ट्रेडर्स को पूरा भुगतान कर दिया। सच्चाई: धरातल पर काम का नामोनिशान तक नहीं।
रेलवाड़ा (कटुम्बी) में श्मशान घाट निर्माण: श्मशान घाट जैसी जगह को भी नहीं बख्शा गया! ₹2,75,000/- का भुगतान VDO व प्रशासक श्री बसंत डिण्डौर द्वारा हरिओम कंस्ट्रक्शन को कर दिया गया। सच्चाई: मौके पर कोई काम नहीं हुआ।
आडीभीत (कटुम्बी) में श्मशान घाट निर्माण: यहाँ भी ₹2,75,000/- की राशि VDO व प्रशासक श्री बसंत डिण्डौर ने हरिओम कंस्ट्रक्शन को ट्रांसफर कर दी। सच्चाई: कोई निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ।
गराडघाटी (सजवानिया) में C.C. सड़क निर्माण: मोहन पिता नानका के घर से हैण्डपम्प तक सड़क के लिए प्राप्त ₹2,50,000/- का भुगतान VDO व प्रशासक बहादुर सिंह मईड़ा ने जय अम्बे ट्रेडर्स को कर दिया। सच्चाई: धरातल पर काम पूरी तरह शून्य।
तलाईपाड़ा (वांक) में बारादरी निर्माण: ₹2,50,000/- का भुगतान VDO व प्रशासक बहादुर सिंह मईड़ा ने जय अम्बे ट्रेडर्स को किया। सच्चाई: मौके पर सिर्फ नींव खोदी गई, जिसमें मुश्किल से ₹35,000/- का खर्च दिख रहा है, बाकी पैसा हजम!
प्राथमिक विद्यालय वांक में शौचालय निर्माण: बच्चों के शौचालय निर्माण के लिए प्राप्त ₹77,000/- का भुगतान VDO व प्रशासक बहादुर सिंह मईड़ा द्वारा जय अम्बे ट्रेडर्स को कर दिया गया। सच्चाई: काम सिर्फ लेंटर लेवल तक हुआ (लागत मात्र ₹60,000/-), फिर भी पूरा बिल पास!
⚖️ विभाग का रुख: होगी एफआईआर और सख्त विभागीय कार्रवाई!
उच्चाधिकारियों की जांच में यह साफ हो गया है कि नापला, कटुम्बी और बारी ग्राम पंचायतों के प्रशासकों एवं ग्राम विकास अधिकारियों (VDOs) की मिलीभगत से सरकारी धन का सीधा गबन किया गया है।
विभाग ने इस कृत्य को अत्यंत गंभीर प्रवृत्ति का अपराध माना है। दोषियों के खिलाफ नियमानुसार विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी (पुलिस) प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्णय लिया गया है।
जनता के विकास का पैसा हड़पने वाले अधिकारियों और फर्जी तरीके से भुगतान उठाने वाली फर्मों पर अब गाज गिरना तय माना जा रहा है!

