बांसवाड़ा-डूंगरपुर पंचायत राज चुनाव: वागड़ की राजनीति में बड़ा उलटफेर
बांसवाड़ा : वागड़ अंचल (बांसवाड़ा-डूंगरपुर) की राजनीति में पंचायती राज चुनावों के दौरान बड़े राजनीतिक उलटफेर और नाटकीय मोड़ देखने को मिले हैं। एक तरफ जहां प्रमुख राजनीतिक घरानों को चुनावी मैदान में शिकस्त का सामना करना पड़ा है, वहीं दूसरी तरफ चुनाव के ऐन पहले राजनीतिक दलों में पाला बदलने और दलबदल का सिलसिला तेज हो गया है।
1. पूर्व सांसद मानशंकर निनामा के परिवार को बड़ा झटका
वागड़ की सियासत में दशकों से रसूख रखने वाले दिग्गजों को पंचायती राज चुनाव में अप्रत्याशित नतीजों का सामना करना पड़ा है। पूर्व सांसद मानशंकर निनामा की पुत्रवधू और घाटोल के पूर्व विधायक हरेंद्र निनामा की पत्नी को चुनावी मुकाबले में हार का मुंह देखना पड़ा है।
प्रमुख बिंदु:
राजनैतिक रसूख पर चोट: एक ही परिवार से जुड़े पूर्व सांसद, पूर्व विधायक और BAP जिला जिलाध्यक्ष की पत्नी की इस पराजय ने क्षेत्र के सियासी गलियारों में बहस छेड़ दी है।
हार के प्रमुख कारण:
स्थानीय मुद्दों की प्राथमिकता: मतदाताओं ने पारिवारिक और बड़े राजनैतिक रसूखों के बजाय स्थानीय विकास, पानी, सड़क और बुनियादी मुद्दों को तरजीह दी।
मतदाताओं का नया संदेश: चुनाव नतीजों से साफ संकेत मिलता है कि वागड़ की जनता अब परंपरागत राजनीति से हटकर नए विकल्पों और जमीनी जुड़ाव को प्राथमिकता दे रही है।
2. बागीदौरा में BAP को झटका: 50 युवा कार्यकर्ता कांग्रेस में शामिल
पंचायती राज चुनाव के तीसरे चरण के मतदान से ठीक पहले बागीदौरा विधानसभा क्षेत्र में भारत आदिवासी पार्टी (BAP) को बड़ा झटका लगा है।
[ BAP के 50 युवा कार्यकर्ता ] ──( त्यागपत्र )──> [ कांग्रेस पार्टी में शामिल ]│( स्वागतकर्ता )│[ महेंद्रजीत सिंह मालवीया ]
दलबदल का घटनाक्रम:
वरिष्ठ नेताओं का स्वागत: पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने सभी युवा कार्यकर्ताओं को कांग्रेस का दुपट्टा पहनाकर पार्टी की सदस्यता दिलाई।
BAP नेतृत्व पर गंभीर आरोप: कांग्रेस में शामिल हुए कार्यकर्ताओं ने BAP के स्थानीय नेताओं और विधायकों पर आरोप लगाया कि वे आदिवासी भाइयों को आपस में लड़ाकर अपना राजनीतिक स्वार्थ साध रहे हैं।
विकास कार्यों से प्रभावित: कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि उन्होंने क्षेत्र में कांग्रेस और महेंद्रजीत सिंह मालवीया के पिछले विकास कार्यों से प्रभावित होकर यह फैसला लिया है।
3. राजनीतिक समीकरण और जनता के सवाल
पंचायती राज चुनाव के इन घटनाक्रमों ने बांसवाड़ा-डूंगरपुर की स्थानीय राजनीति में कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं:
| क्षेत्र | घटनाक्रम | भावी असर |
| घाटोल / बांसवाड़ा | निनामा परिवार के सदस्य की हार | परंपरागत सियासी घरानों की पकड़ कमजोर होने का संकेत। |
| बागीदौरा | BAP में बगावत व 50 युवाओं का दलबदल | BAP के कैडर बेस में सेंध; चुनाव नतीजों पर सीधा असर। |
बड़ा सवाल: क्या यह चुनाव परिणाम वागड़ अंचल में एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत है? स्थानीय मतदाताओं का मूड यह बयां कर रहा है कि अब केवल बड़े चेहरे या पारिवारिक रसूख जीत की गारंटी नहीं हैं।

