यह रोमांचक वाकया सोमवार दोपहर उस समय हुआ जब पीलीभीत की उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम की एक बस यात्रियों को चढ़ाने के लिए पुराने रोडवेज बस स्टैंड पर रूकी। गाड़ी चलने में आधा घंटा बाकी था, इसीलिए थके हुए बस चालक ने सोचा कि एक झपकी ले ली जाए। आराम करने के लिए चालक बस की पिछली सीट पर जाकर लेट गया। इतने में अचानक बस की खुली खिड़की से एक बंदर आया और वह चालक के कैबिन में घुस गया। चाभी बस में ही लगी हुई थी।
बंदर ने किसी तरह इंजन चालू कर दिया। बस का इंजन खुलते ही चालक की नींद भी खुल गई। वह जगा और दौड़ते हुए कैबिन की ओर आया। चालक ने बंदर को बाहर भगाने की कोशिश की, लेकिन बंदर चालक को देखकर घबरा गया। इसी घबराहट में उसने दूसरे गियर में बस डाल दी और बस के बाहर कूद गया। आसपास खड़े यात्रियों ने जब बिना चालक के ही बस को चलते देखा तो वे इधर-उधर भागने लगे। बस स्टैंड के नियंत्रण कक्ष में बैठे कर्मचारी को इस परेशानी और भगदड़ का कारण तक नहीं पता चल पा रहा था। हालांकि चालक ने बाद में बस पर नियंत्रण बना लिया, लेकिन इससे पहले कि वह ऐसा कर पाता बस 2 अन्य बसों को टक्कर मार चुकी थी।
उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक एस.के. शर्मा के मुताबिक बंदर अक्सर ही यहां आकर उत्पात मचाते हैं और परेशानी का सबब बनते हैं। शर्मा के मुताबिक बंदर मरम्मत के लिए खड़ी गाड़ियों पर कूदते हैं और बसों को नुकसान पहुंचते रहते हैं।
