सेना के विशेष बल के कमांडो शहीद लांस नायक मोहन नाथ गोस्वामी को उनकी वीरता के लिए अशोक चक्र से सम्मानित किया गया है। वह आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उन्होंने जिस अदम्य साहस का परिचय दिया, वह कभी न भुलाने वाला है। वह पिछले साल सितंबर में शहीद हुए थे। लांस नायक गोस्वामी ने प्राण त्यागने से पहले चार आतंकियों को ढेर किया। इनमें दो को उन्होंने खुद मारा, जबकि गोली लगने के बाद भी दो अन्य मारने में साथियों की मदद की। खुद घायल होने के बाद भी वह अपने दो घायल साथियों को सुरक्षित स्थान लेकर आए थे। उन्होंने जिंदगी के आखिरी 11 दिनों में 10 आतंकियों को ढेर कर दिया था। लांस नायक गोस्वामी पिछले साल उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में आतंकियों से लड़ते हुए शहीद हुए थे।वह सेना के उस ऑपरेशन में भी शामिल थे, जिसमें लश्कर-ए-तोयबा का आतंकी सज्जाद अहमद जिंदा पकड़ा गया था।
लांस नायक गोस्वामी का तीसरा अभियान कुपवाड़ा के पास हफरूदा का घना जंगल था। यह उनका अंतिम अभियान साबित हुआ, लेकिन इस अभियान में चार आतंकवादियों को मार गिराया गया। लांस नायक गोस्वामी नैनीताल में हल्द्वानी के इंदिरा नगर के रहने वाले थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी और सात साल की बेटी है।
