राजस्थान में लोकसभा सीटों के परिसीमन की तैयारी, 13 नई सीटें बनाने का प्रस्ताव
जयपुर/बाँसवाड़ा/राजस्थान।। राजस्थान में लोकसभा सीटों के पुनर्गठन को लेकर प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की एक अध्ययन रिपोर्ट में उदयपुर और बांसवाड़ा लोकसभा क्षेत्रों को तीन-तीन हिस्सों में विभाजित करने का प्रस्ताव दिया गया है। यदि यह परिसीमन प्रस्ताव लागू होता है, तो वागड़ क्षेत्र को संसद में अधिक प्रतिनिधित्व मिलेगा और बांसवाड़ा को एक अलग सांसद मिल सकता है।
राजस्थान में आगामी परिसीमन के तहत लोकसभा की मौजूदा 25 सीटों को बढ़ाकर 38 सीटें किए जाने का प्रस्ताव सामने आया है। प्रस्ताव के अनुसार राज्य में 13 नई लोकसभा सीटें बनाई जा सकती हैं।
प्रस्ताव में जयपुर, जयपुर ग्रामीण, जोधपुर, सीकर, उदयपुर और बांसवाड़ा लोकसभा सीटों को तीन-तीन हिस्सों में विभाजित करने की सिफारिश की गई है। वहीं चूरू लोकसभा सीट को दो भागों में बांटकर एक नई सीट बनाने का सुझाव दिया गया है।
बताया जा रहा है कि नई सीटों के गठन के लिए मौजूदा 7 लोकसभा सीटों का पुनर्गठन किया जाएगा, जबकि 18 सीटों को यथावत रखने का प्रस्ताव है। हालांकि, यह फिलहाल एक प्रस्ताव है। अंतिम फैसला परिसीमन आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार की प्रक्रिया के बाद ही होगा।
प्रस्ताव के मुख्य बिंदु:
- सीटों का विभाजन: वर्तमान उदयपुर और बांसवाड़ा-डूंगरपुर लोकसभा सीटों (जिन्हें मिलाकर फिलहाल एक सांसद है) को तीन-तीन हिस्सों में विभाजित करने का सुझाव दिया गया है。
- सीटों की संख्या: इस अध्ययन रिपोर्ट में पूरे राजस्थान में लोकसभा सीटों को 25 से बढ़ाकर 38 करने की सिफारिश की गई है。
- आदिवासी प्रतिनिधित्व: वागड़ अंचल (डूंगरपुर और बांसवाड़ा) में आदिवासियों की जनसंख्या को देखते हुए, क्षेत्र का राजनीतिक भूगोल पूरी तरह से बदल जाएगा और संसद में सांसदों की संख्या में बढ़ोतरी होगी。
हालाँकि यह अभी एक अध्ययन और सलाहकार रिपोर्ट है। अंतिम फैसला और परिसीमन (Delimitation) आयोग द्वारा लागू किया जाएगा जो जनसंख्या और भौगोलिक स्थिति का ध्यान रखेगा。

