झाबुआ: धनपुरा सगवा में धर्मांतरण के आरोप से गरमाया माहौल, पादरी के खिलाफ पुलिस में शिकायत
झाबुआ/थांदला/मध्य प्रदेश।। मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के खवासा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम धनपुरा सगवा में अवैध धर्मांतरण का एक गंभीर मामला सामने आया है। एक ईसाई पादरी (पास्टर) पर स्थानीय ग्रामीणों को प्रलोभन देकर और दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगा है। इस मामले को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस चौकी खवासा में लिखित आवेदन देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।
प्रार्थना सभा की आड़ में प्रलोभन और धमकी का आरोप
ग्राम मांडवा निवासी शिकायतकर्ता अमरसिंह (पिता कालसिंह भावर) द्वारा पुलिस को दिए गए आवेदन के अनुसार, ग्राम सांगा मंडलोई निवासी कालिया (पिता सांगा मंडलोई) एक पादरी के साथ मिलकर क्षेत्र में सक्रिय है। आरोप है कि पास्टर द्वारा सांगा मंडलोई के घर पर प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया था, जिसकी आड़ में लोगों को लालच देकर धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जा रहा था।
शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि जब ग्रामीणों ने इस गतिविधि का विरोध किया, तो आरोपियों द्वारा उनके साथ गाली-गलौज की गई, मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई।
बड़ी संख्या में पुलिस चौकी पहुंचे ग्रामीण
घटना से आक्रोशित होकर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट होकर खवासा पुलिस चौकी पहुंचे। ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि क्षेत्र में चल रहे इस अवैध धर्मांतरण के नेटवर्क पर तुरंत रोक लगाई जाए और शांति भंग करने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
संत समाज और राष्ट्रीय संगठनों ने की घोर निंदा
इस घटना को लेकर हिंदू संगठनों और स्थानीय संत समाज में भारी आक्रोश है। राष्ट्रीय मानव धर्म रक्षा संघ (भारत) के बांसवाड़ा जिला अध्यक्ष युवा संत थावरसिंग मईडा और जिला उपाध्यक्ष धनसिंग भुरीया ने इस मामले की कड़े शब्दों में निंदा की है।
इसके साथ ही धनपुरा संत समाज (मध्य प्रदेश) के प्रमुख भुरु भगत, दुबलीया, अमरसिंह भाभोर, देवीलाल, हलिया मछार, लालु भाभर और भवरसिंह सुरावत सहित कई गणमान्य नागरिकों ने क्षेत्र में बढ़ रही इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर गहरी चिंता व्यक्त की है और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस का पक्ष:
खवासा पुलिस चौकी ने ग्रामीणों का शिकायती आवेदन स्वीकार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में FIR दर्ज होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

