कुशलगढ़ में कृषि विभाग का बड़ा एक्शन, कालाबाजारी करने वालों में हड़कंप; 800 बोरी यूरिया निर्धारित दाम पर बंटवाया
सीमावर्ती इलाकों में कालाबाजारी पर नकेल, 'धरती पुत्रों' के खिले चेहरे
बांसवाड़ा/राजस्थान।। राजस्थान में खाद की कालाबाजारी और निर्धारित दाम से अधिक वसूली की खबरें अक्सर सुर्खियों में रहती हैं। मध्य प्रदेश और गुजरात की सीमाओं से सटा होने के कारण बांसवाड़ा जिला और विशेषकर कुशलगढ़ उपखंड क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं रहा है। सीमावर्ती क्षेत्र होने का फायदा उठाकर खाद माफिया सरकारी दाम से अधिक पैसे वसूल कर 'धन्ना सेठ' बन रहे हैं। हाल ही में मध्य प्रदेश की सीमा से अवैध रूप से खाद परिवहन के दो मामले भी पकड़े जा चुके हैं।
इन तमाम शिकायतों और कालाबाजारी पर पूर्ण विराम लगाने के लिए कृषि विभाग ने एक बड़ी और औचक कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिससे क्षेत्र के खाद व्यापारियों में हड़कंप मच गया है।
कृषि विभाग की टीम ने मौके पर खड़े रहकर बंटवाया यूरिया
कुशलगढ़ क्षेत्र में यूरिया उर्वरक को तय दरों से महंगे दामों पर बेचने की शिकायत मिलने पर कृषि विभाग की टीम ने 'प्रक्षाल एंटरप्राइजेज पाण्डवसाथ गादीया ब्रदर्स' पर अचानक छापा मारा।
सहायक निदेशक (कृषि विस्तार, उप जिला कुशलगढ़) छगनाल जी दामा के नेतृत्व में पहुंची इस टीम ने तुरंत एक्शन लेते हुए मौके पर ही 800 बैग (बोरी) यूरिया उर्वरक को सरकार द्वारा निर्धारित ₹270 प्रति बोरी की दर से किसानों को वितरित करवाया। भारी जमाखोरी के बीच अचानक सही दाम पर खाद मिलने से क्षेत्र के किसानों (धरती पुत्रों) के चेहरे खुशी से खिल उठे।
कार्रवाई में शामिल प्रमुख अधिकारी:
श्री छगनाल जी दामा (सहायक निदेशक, कृषि विस्तार)
संतोष पारगी (सहायक कृषि अधिकारी, छोटी सरवा)
उर्वशी रावत (कृषि अधिकारी, कुशलगढ़)
जयराज कलाल (वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक, सज्जनगढ़)
विभाग की सख्त चेतावनी: नियम तोड़े तो सीधे निलंबित होगा लाइसेंस
कार्रवाई के बाद सहायक निदेशक छगनाल जी दामा ने सभी कृषि आदान विक्रेताओं (डीलर) को कड़ा संदेश देते हुए चेतावनी दी है कि:
लाइसेंस होगा सस्पेंड: यदि भविष्य में किसी भी विक्रेता ने ₹270 से अधिक राशि वसूलने की कोशिश की, तो उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की धारा 3(3) के तहत विभागीय नियमानुसार कार्रवाई करते हुए तुरंत लाइसेंस निलंबित कर दिया जाएगा।
गाड़ी और माल होगा जब्त: यूरिया की जमाखोरी, कालाबाजारी या बिना बिल्टी के अवैध परिवहन करते पाए जाने पर माल और वाहन दोनों को जब्त कर लिया जाएगा।
स्टॉक डिस्प्ले अनिवार्य: सभी डीलर्स के पास वैध लाइसेंस होना चाहिए। साथ ही दुकान पर मूल्य सूची और स्टॉक की जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित (डिस्प्ले) होनी चाहिए।
बिना PC के माल बेचा तो अवैध: बीज या खाद बेचने के लिए कंपनी का 'प्रिंसिपल सर्टिफिकेट' (PC) लाइसेंस में ऐड होना अनिवार्य है। बिना PC के माल बेचना बीज नियंत्रण आदेश 1983 का सीधा उल्लंघन माना जाएगा।
अधिकारियों की किसानों से अपील: 'जागरूक बनें, बिल जरूर लें'
कृषि विभाग की टीम ने क्षेत्र के किसानों से भी अपील की है कि वे खाद, बीज या कीटनाशक खरीदते समय बेहद जागरूक रहें। दुकानदार से हर खरीद का पक्का बिल अवश्य मांगें। यदि कोई भी व्यापारी तय दर से अधिक पैसे मांगता है या बिल देने में आनाकानी करता है, तो तुरंत इसकी शिकायत कृषि विभाग के अधिकारियों से करें।


