"कुदरत का कहर: रतलाम में रात के अंधेरे में मंदिर पर गिरी गाज, 25 लाख से बने तीनों स्वर्ण शिखर हुए तबाह"
⚡ रतलाम में कुदरत का कहर: आकाशीय बिजली गिरने से 200 साल पुराना ऐतिहासिक मंदिर ध्वस्त, 3 किमी दूर तक सुनाई दी धमाके की आवाज
रतलाम/चोरानी (नौगांव): मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और दुखद खबर सामने आई है। यहाँ चोरानी (नौगांव) गांव में देर रात मौसम के बदले मिजाज के बीच एक बड़ा हादसा हो गया। तेज गरज और मूसलाधार बारिश के दौरान एक प्राचीन मंदिर पर आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिर गई, जिससे करीब 200 साल पुराना भगवान श्री राम एवं लक्ष्मीनारायण मंदिर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।
मलबे के उड़े परखच्चे, 3 किलोमीटर तक गूंजा धमाका
यह भयानक घटना बुधवार और गुरुवार की मध्य रात्रि की बताई जा रही है। चश्मदीदों और ग्रामीणों के अनुसार, बिजली गिरने का प्रभाव किसी शक्तिशाली विस्फोट जैसा था। धमाका इतना तीव्र था कि इसकी गूंज करीब 3 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे आस-पास के इलाकों में दहशत फैल गई। वज्रपात के कारण मंदिर के तीनों स्वर्णजड़ित शिखर पूरी तरह ध्वस्त होकर बिखर गए और मंदिर का मलबा उड़कर पास के खेतों और घरों की छतों तक जा गिरा।
रियासत कालीन है मंदिर का इतिहास
ग्रामीणों ने बताया कि यह ऐतिहासिक मंदिर रतलाम रियासत काल के समय का है, जिससे क्षेत्र के लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। साल 2011 में ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने जनसहयोग के माध्यम से लगभग 25 लाख रुपए की राशि जुटाकर इस प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार (Renovation) कराया था, जिसके तहत इन भव्य शिखरों का निर्माण किया गया था।
राहत की बात: चूंकि यह घटना देर रात घटित हुई, इसलिए मंदिर परिसर में कोई भी श्रद्धालु या पुजारी मौजूद नहीं था। इस वजह से एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया और किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी और राजस्व टीम तुरंत मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त मंदिर का मुआयना किया और नुकसान का जायजा लिया है। फिलहाल प्रशासन आगे की कार्रवाई में जुटा है, वहीं इस प्राचीन धरोहर के टूटने से पूरे क्षेत्र के श्रद्धालुओं में शोक की लहर है।

