बांसवाड़ा में निकाय चुनाव के बाद सियासी हलचल तेज: सेंधमारी के डर से कांग्रेस की बाड़ेबंदी, 59 प्रत्याशी बसों से अज्ञात स्थान रवाना
बांसवाड़ा : नगर निकाय चुनाव का मतदान संपन्न होते ही बांसवाड़ा की राजनीति में गरमाहट और तेज हो गई है। मतगणना और बोर्ड गठन से पहले जोड़-तोड़ तथा सेंधमारी की आशंका को देखते हुए कांग्रेस ने अपनी रणनीति के तहत प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी शुरू कर दी है।
चुनाव मैदान में उतरे कांग्रेस के 59 प्रत्याशियों को एकजुट रखने और किसी भी तरह की सेंधमारी से बचाने के लिए पार्टी नेतृत्व ने उन्हें सुरक्षित स्थान पर भेजने का फैसला किया।
जिला अध्यक्ष के फार्म हाउस पर जुटे प्रत्याशी
रवानगी से पहले सभी 59 प्रत्याशी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अर्जुन सिंह बामनिया के फार्म हाउस पर एकत्रित हुए। वहां चुनावी गणित और आगे की रणनीति पर चर्चा के बाद सभी प्रत्याशियों को एक साथ लक्जरी बसों में सवार कर किसी अज्ञात और सुरक्षित स्थान के लिए रवाना कर दिया गया। प्रत्याशियों के बस में सवार होकर रवाना होने का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है।
हमारा बोर्ड बनना तय: अर्जुन सिंह बामनिया
विपक्ष द्वारा प्रत्याशियों में सेंधमारी की आशंका पर बाड़ेबंदी की कमान खुद जिला अध्यक्ष अर्जुन सिंह बामनिया ने संभाल रखी है। बामनिया ने मीडिया से बातचीत में आश्वस्त होकर दावा किया कि — "जनता ने कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया है और बांसवाड़ा में हमारा बोर्ड बनना तय है।"
दोनों खेमों में बढ़ी हलचल
मतदान के बाद अब दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दलों में स्थानीय बोर्ड बनाने को लेकर सियासी गोटियां बिछनी शुरू हो गई हैं। मतगणना के नतीजे आने और बोर्ड गठन की प्रक्रिया पूरी होने तक प्रत्याशियों को कड़ी निगरानी में रखा जाएगा।

