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भले ही आपके खाते में 15 लाख रुपए सपना हो, लेकिन आपको चौंका देने वाली बात बता दें कि आपके माथे पर 44095 रुपए का कर्ज है। जी हां ये कोई जुमला नहीं बल्कि हकीकत है। देश में प्रत्येक व्यक्ति पर 44095 रुपए का कर्ज है जो कर्ज़ लगातार बढ़ता जा रहा है।
दरअसल सरकार द्वारा विकास कार्यों में हो रहे खर्ज की वजह से ये कर्ज लगातार बढ़ रहे हैं। वर्ल्ड बैंक के इंटरनेशनल डेट स्टेस्टिक्स 2015 के अनुसार, 20 विकासशील देशों की सूची में सबसे ज्यादा कर्ज में डूबने के मामले में भारत चौथे स्थान पर आ गया है।
