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जब पेट्रोल की जगह हवा (compressed air) से चला बाइक का इंजन नए प्रयोग और खोज सिर्फ़ अमेरिका, ब्रिटेन और आईआईटी के लोगों की बपौती नही है। ये साबित किया है बागपत के एक पॉलिटेक्नीक के छात्र ने, जिसने हवा से चलने वाला इंजन बनाया है। वो भी 18 हज़ार में चार बार की असफलता के बाद सफल हुए छात्र के प्रयोग से कॉलेज प्रशासन भी खुश है।
कॉलेज प्रशासन छात्र की इस नए प्रयोग में सहायता करनेके लिए हर तरह से तैयार है। इतना ही नहीं ..पूरे देश के अलग अलग इलाको से "कंप्रेस्ड एयर" के इंजन बनाने की खबर पिछले तीन साल से आ रही है .... हाल ही में बंगलौर में भी ऐसा ही इंजन प्रकाश में आया था ... जिसको पेट्रोलियम मंत्रालय ने निरुपयोगी बताते हुए आपराधिक अफवाह घोषित कर दिया था !! विश्व भर की पेट्रोल कंपनिया इस तरह की खोजो को अपना पूरा राजनैतिक सामर्थ्य लगाकर समाप्त कर देती है !! ये खोज भी दबा दी जाएगी !! हमारा प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा लोगो तक इसे पहुचाए जाय !! अगर आप इस पोस्ट को शेयर करेंगे तो इस छात्र का और कॉलेज प्रशासन का मनोबल बढेगा !! साथ ही दबंग तेल कंपनियों के मूह पर एक तमाचा मारेंगे !!
