पॉलीथिन यूज पर देना होगा 5000 जुर्माना, होगी 6 महीने की सजा

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   यूपी सरकार ने आज से पूरे प्रदेश में पॉलीबैग पर रोक लगा दी है। इसके लिए हाल में ही हुई कैबनेट बैठक में फैसला लिया गया था। इसको लेकर 21 जनवरी डेट लाइन फिक्स हुई थी। अब इसके बाद गुरुवार से पॉलीबैग का इस्तेमाल भारी पड़ सकता है। पॉलीथिन का इस्तेमाल किए जाने के बाद पकड़े जाने पर 5000 रुपए का जुर्माना साथ ही 6 महीने की सजा भी हो सकती है। इसके लिए 21 जनवरी से नगर निगम के साथ 7 अन्य विभाग मिलकर पॉलिथीन इस्तेमाल पर लगाम लगाने के लिए कमर भी कस ली है।
आज से शुरू होगा छापे मारी का अभियान
    शहर में सबसे अधिक पॉलीथिन प्रयोग होने वाले स्थानों पर निगम और पॉलूशन कंट्रोल बोर्ड की टीम अभियान चलाएगी। शहर भर में होटल, मॉल, गेस्ट हाउस, रेस्टोरेन्ट, मैरिज हाल में छापा मारा जाएगा। सभी पॉलीथिन सामग्री को जब्त किया जाएगा। दंड क्या होगा यह पॉल्यूशन बोर्ड के अधिकारियों से विमर्श कर फैसला लिया जाएगा।
    साथ ही निगम सभी प्रतिष्ठानों को प्रमाण पत्र बनाकर देगा और समय-समय पर इसकी जांच भी करेगा। बता दें, यूपी सरकार ने 21 जनवरी से पॉलीथिन पर बैन की अधिसूचना बीते दिनों जारी की थी। पर्यावरण (संरक्षण) कानून 1986 के प्रावधानों के तहत प्रतिबंध लगाया गया है। दुकानदार अब ग्राहक को पॉलीथिन या प्लास्टिक की थैलियों में सामान नहीं दे सकेंगे। दुकानदार को छह महीने की सजा और पांच हजार रुपए तक जुर्माना भरना पड़ सकता है। जुर्माने की रकम अभी कम होगी, बाद में धीरे-धीरे इसे बढ़ाकर पांच हजार किया जाएगा। हाल ही में यूपी कैबिनेट ने पॉलीथिन पर रोक को मंजूरी दे दी थी। अब मार्च से यदि पॉलीथिन का प्रयोग जारी रहा तो हर माह 500 का जुर्माना लगेगा। यह जुर्माना हर माह 500 रुपए बढ़ता जाएगा। अधिकतम जुर्माना निगम की ओर से 5000 रुपए प्रति व्यक्ति होगा। पॉलीथिन का भंडार रखने या पॉलिथीन प्रोडक्शन करने पर 1 साल की जेल और 5 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। यह शहर के साथ गोमती को भी प्रदूषणमुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल तो है लेकिन नतीजा इस पर निर्भर है कि अमल कितना ईमानदारी से होगा।
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