देशी ऐसी निर्माण में थर्माकोल से बने आइस बॉक्स में 12 बोल्ट के डीसी पंखे से हवा छोड़ी जाती है. दूसरे एल्बो से ठंडी हवा का प्रवाह होता है. एक घंटा चलाने पर तापमान में चार से पांच डिग्री का अंतर आ जाता है. ऐसे में ‘देशी एयरकंडिशनर’ को पर्यावरण की दृष्टि से बेहतर माना गया है. वहीं कई चक्रों में मूल्यांकन के पश्चात कल्याणी का चयन राष्ट्रीय स्तर पर किया गया है.
जिला विद्यालय निरीक्षक डा. नीरज पांडेय ने बताया कि कल्याणी श्रीवास्तव को इंस्पायर अवॉर्ड योजना के तहत जापान सरकार की ओर से संचालित जापान एशिया यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम इन साइंस सकूरा साइंस प्लान में मई माह में विज्ञान विषय पर आयोजित सेमिनार में आमंत्रित किया गया है. सेमिनार में कल्याणी जापान के अलावा एशिया के कई वैज्ञानिकों के बीच अपने विचारों का आदान-प्रदान करेंगी.
12वीं की छात्रा कल्याणी ने बताया कि जापान में आमंत्रण से बेहद खुश हूं. उनका मकसद है कि ग्रामीणों को उच्च सुविधाएं मिलें. इसके लिए सौर ऊर्जा विशेष माध्यम है.
