चित्र देखकर आप भी चौंक गए होंगे न?? हनुमान जी अपनी "पत्नी" के साथ?? हनुमान जी को तो हम बाल ब्रह्मचारी के रूप में जानते हैं... लेकिन नहीं... तेलंगाना के खम्मम जिले में स्थित भारत के इस एकमात्र मंदिर में, हनुमान जी अपनी पत्नी सुवर्चला के साथ दिखाई देते हैं.पाराशर संहिता के अनुसार कथानक यह है कि जब हनुमान जी अपने गुरुदेव अर्थात सूर्य से विद्या ग्रहण कर रहे थे, उस समय उनकी नौ विद्याओं में से पाँच पूर्ण हो चुकी थीं, परन्तु बची हुई चार विद्याओं को सीखने के लिए विवाहित होने की शर्त थी. यह जानकर हनुमानजी बहुत बेचैन हो गए, क्योंकि उन्होंने आजीवन ब्रह्मचर्य की शपथ ली थी. अपने शिष्य की इस दुविधा को समझकर सूर्य ने उन्हें बताया कि तुम मेरी तपस्विनी पुत्री सुवर्चला से विवाह कर सकते हो. हनुमान जी के साथ विवाह करके सुवर्चला तत्काल पुनः तपस्या में लीन हो गईं. इस प्रकार हनुमान जी विवाहित भी हो गए और आजीवन ब्रह्मचर्य का व्रत भी नहीं टूटा...
खम्मम के इस हनुमान मंदिर में विवाहित जोड़े अपने दाम्पत्य जीवन की खुशहाली एवं आपसी प्रेम अक्षुण्ण रखने की कामना करते हुए हनुमान जी से आशीर्वाद ग्रहण करते हैं...
(जय "वज्रांग बली"... = अर्थात वज्र जैसे अंगों वाले बलशाली "वज्रांग", जो अपभ्रंश होते-होते बजरंग कब बन गया, पता ही नहीं चला...)
Jayant Telang
