मुंबई।। विधानसभा में मालेगांव विस्फोट से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब होने के मुद्दे पर पीटासीन अध्यक्ष ने सरकार को निवेदन करने का निर्देश दिया है। यह मुद्दा राकांपा विधायक जीतेंद्र आव्हाड ने सदन में औचित्य के तहत उठाया था। राकांपा विधायक जितेंद्र आव्हाड ने औचित्य के मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि मालेगांव बम विस्फोट से जुड़े कागजात कोर्ट से गायब हो गए हैं। ये कागजात सरकारी वकील रोहणी सान्याल ने एनआईए के वकील को सौंपे थे। आव्हाड ने इसे बेहद गंभीर मामला बताते हुए सरकार से विधानसभा में निवेदन पेश करने की मांग की। तालिका अध्यक्ष राहुल बोंद्रे ने इस मामले में सरकार से निवेदन पेश करने का निर्देश दिया है। हालांकि सत्ता पक्ष इस मुद्दे को उठाए जाने पर बार-बार आक्षेप करता रहा। इसके फलस्वरुप सदन में विधायकों में तर्कवितर्क भी चलता रहा।
राकांपा विधायक दल के नेता जयंत पाटिल ने कहा कि मालेगांव बम विस्फोट से जुड़े कागजात गायब होने से शंका उत्पन्न हो रही है। सरकार को अदालत से दस्तावेज के गायब होने की जांच करानी चाहिए। इस पर राजस्वमंत्री खडसे ने कहा कि यह मामला अदालत में प्रलंबित है, इसलिए इस पर यहां चर्चा नहीं की जा सकती है। खडसे ने यह भी कहा कि दस्तावेज अदालत की कस्टडी से गायब हुए हैं, सरकार की कस्टडी से नहीं। इसपर जयंत पाटील ने कहा कि कोर्ट से मालेगांव बमविस्फोट संबंधी दस्तावेज गायब होने से सरकार अपना पल्ला नहीं झाड़ सकती है। चूंकि कोर्ट से कागजात गायब हुए हैं, इसलिए इसकी जवाबदारी सरकारी की है। इस मुद्दे पर संसदीय कार्यमंत्री गिरीष बापट ने भी अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर सदन में चर्चा नहीं की जा सकती है, लेकिन पीठासीन अध्यक्ष ने इस मामले को गंभीर बताते हुए सरकार को पूरे प्रकरण में सविस्तार निवेदन सभागृह में पेश करने का निर्देश दिया है।
