कुरान में भी बराबर की आस्था
फैसल खान, कुरान के साथ ही भगवान श्रीराम में भी गहरी आस्था रखते हैं और उनकी भक्ति में रम जाते है। उनकी इस आस्था का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है, कि उन्होंने एक ‘राम नाम बैंक’ की स्थापना भी की है। इस ‘राम नाम बैंक’ की खासियत यह है कि यहाँ पैसे का लेन-देन नहीं, बल्कि राम नाम का महत्व है।
इस बैंक में कोई भी अपना खाता ‘राम’ का नाम एक महीने में लाल स्याही से कागज़ पर 1. 25 लाख बार लिखने पर खोल सकता है। यहाँ किसी भी धर्म के लोग आकर अपना खाता खुलवा सकते है। इस बैंक में जिनका खाता है, उन्हें मुफ्त में पास बुक दी जाती है। इस बैंक को 51 लोगों के अकाउंट्स के साथ शुरू किया गया था, जो अब 75,000 से ऊपर पहुँच गया है। इस बैंक का वित्तीय वर्ष रामनवमी से शुरू होता है।
फैसल कहते हैं, “करीब 10 साल पहले श्रीराम के बारे में एक लेख पढ़ा था। उसमें लिखा था कि भगवान श्रीराम का नाम लेने से मन को शांति मिलती है। तभी से मैंने राम का नाम लिखना शुरू कर दिया और इसका असर भी हुआ। अब मैं रोजाना 108 बार राम का नाम लिखता हूं। हिंदी के अलावा उर्दू और अंग्रेजी में भी लाखों बार राम का नाम लिख चुका हूं।”
फैसल उन सब बातों की फ़िक्र नहीं करते कि समाज और खुद को धार्मिक गुरु बताने वाले ‘महापुरुष’ उनके इस काम के बारे में क्या सोचेंगे। फैसल का मानना है कि जो कुछ भी वह करते है वह उनकी व्यक्तिगत आस्था की बात है और उनका पूरा परिवार उनके इस नेक कार्य में उनके साथ है।
