मुख्यमंत्री के कार्यकर्म में जलस्वालम्बन अभियान की उडी धज्जिया

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हैलीपेड के लिये बहाया पी डब्लू डी विभाग ने सेकडो क्युसेक पानी    
    स्वयं मुख्यमंत्री की पहल पर सरकार के द्वारा चलाए गए अभियान के प्रति सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारी कितने गंभीर हैं इसका उदाहरण कोटा में राजस्थान प्रदेश के मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के दौरे के दौरान देखने को मिला वसुंधरा राजे की सरकार द्वारा प्रदेश में जल संरक्षण हेतु जल स्वालंबन अभियान चलाया जा रहा है । कोटा शहर में हवाई अड्डा होने के बावजूद भी हेलीपैड बनाने के लिए pwd विभाग के अधिकारियों ने सैकड़ों क्यूसेक पानी व्यर्थ ही बहा दिया। यदि जल संरक्षण के प्रति थोड़ा भी सतर्क होते तो जल के द्रूपयोग को रोका जा सकता था। यही नहीं हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर के उतरते समय किसी प्रकार का धूल न उड़ेे और मुख्यमंत्री को परेशानी ना हो इसके लिए निर्माण शुरू होने से लेकर दौरे की समाप्ति तक टेंकरों से छिड़काव किया गया।
     मुख्यमंत्री के अधिकारियो की जल संरक्षण अभियान के मामले में कथनी और करनी की झलक साफ साफ नजर आयी जब जिम्मेदार पद पर होने के बावजूद मुख्यमंत्री के दौरे पर सैकड़ों क्यूसेक पानी व्यर्थ बहाया जा सकता है । आम जनता से संरक्षण की उम्मीद करना बेईमानी होगी। और सबसे बड़ी बात मुख्यमंत्री द्वारा जल संरक्षण की सभा में उपस्थित लोगों को नसीहत दी गई। जबकि होना चाहिये था अधिकारियो को देती तो ज्यादा अच्छा रहता सीधा सा अर्थ यह है कि कोई भी अभियान आमजन के लिए तो होता है लेकिन इन जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा इसकी कोई चिंता नहीं की जाती यदि जब यह लोग ही इस मामले में सतर्क नहीं है तो किस प्रकार अभियान की सफलता प्राप्त हो सकती है । जब पीडब्ल्यूडी विभाग के आला अधिकारियों ने हवाईअड्डा होने के बावजूद भी अतिरिक्त हेलीपैड बनाकर पानी का व्यर्थ बहाया गया इससे जनता के बीच साफ-साफ संदेश गया की अभियान मात्र अभियान ही है जिसके प्रति सरकार और प्रशासनिक अधिकारी बिल्कुल भी सजग नहीं दिख रहे । 
(रामजी शर्मा)
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