मूनक/करनाल।। बीए पास युवक बगैर डॉक्टर और मनोविशेषज्ञ के छह महीने से नशा मुक्ति केंद्र चला रहा था। स्वास्थ्य विभाग और समाज कल्याण विभाग की टीम ने जब शुक्रवार को छापा मारा तो सहारा केंद्र में 22 मरीज भर्ती थे। केंद्र संचालक रोहित मल्होत्रा समेत लगभग पांच लोगों के खिलाफ मधुबन थाने में मामला दर्ज करा दिया है।केंद्र में नशा पीड़ितों को प्रताड़ित करने की सूचना के बाद यह छापामारी हुई। सीएमओ डॉ. संतलाल वर्मा व डीएसपी राजेश लोहान ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को शिकायत मिली थी कि यहां भर्ती मरीजों के तलवों पर दिन में 50-50 डंडे मारे जाते हैं। मरीजों से रोटियां बनवाने से लेकर शौचालयों साफ कराने तक का काम लिया जाता। अगर ये लोग करने से मना करें तो इन्हें पूरी-पूरी रात घेरा बनाकर खड़े रहने की सजा दी जाती। एक मरीज ने अपने पिता से यहां तक कह दिया कि पापा मुझे जहर देकर मार डालो, परंतु यहां से ले जाओ। हालांकि मरीजों के परिजनों से केंद्र में तमाम सुविधाएं दिलाने के नाम पर हर महीने 5 से 15 हजार रुपए तक लिए जा रहे थे। केंद्र में रह रहे कुछ अन्य मरीजों ने टीम में बताया कि उन्होंने पिछले एक महीने से सूर्य के दर्शन तक नहीं किए।
