बिलासपुर।। सुराज अभियान के दौरान अफसरों की लापरवाही और रवैए को लेकर कलक्टर ने टीएल (टाइम लिमिट) की बैठक में जमकर फटकार लगाई। कई शिविरों में फजीहत से झल्लाए कलक्टर अंबलगन पी. ने मातहत अफसरों से कहा कि सीनियर अफसर अपने जूनियर को जवाब देने के लिए मंच पर भेजते हैं। वे जनता के बीच हंसी के पात्र बन जाते हैं और लोगों को तालियां बजाने का मौका मिलता है। नाराज कलक्टर ने यहां तक कह दिया, कि अगली बार भीड़ जुटाने के लिए नाचा दल बुलाने पर पैसे खर्च न करें, बल्कि अफसर मंच पर जाकर तमाशा दिखाएंगे और जनता ताली बजाएगी।
कलक्टर ने शुक्रवार को मंथन सभाकक्ष में टीएल की बैठक ली। लोक सुराज अभियान समाप्त होने के बाद शुक्रवार को यह पहली टीएल बैठक थी। इसमें स्वास्थ्य विभाग, पीडब्ल्यूडी, पीएएचई, आरईएस, पशु चिकित्सा विभाग, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, जिला पंचायत, शिक्षा विभाग, वन विभाग, राजस्व सहित अन्य विभागों के सीनियर अफसर उपस्थित थे।
इस बैठक में हाल में ही संपन्न हुए सुराज अभियान और शिविर में विभागों की फजीहत प्रमुख मुद्दा बना। शिविर में मांगी गई पूरी जानकारी उपलब्ध न करा पाना, योजनाओं व उनके क्रियान्वयन के बारे में ठीक से नहीं बता पाना और काम में लापरवाही को लेकर मिली सैकड़ों शिकायतों को लेकर कलक्टर जमकर बरसे। समीक्षा बैठक ढाई घंटे तक चली।
बडे़ अफसर हैं तो जूनियर को क्यों सामने किया
कलक्टर ने सीनियर अफसरों से कहा कि आप अपने-अपने विभाग के प्रमुख और बडे़ अफसर बनते हैं। जब विभाग की जानकारी देने की बारी आती है, तब जूनियर को सामने खड़ा करके खुद दाएं-बाएं हो जाते हैं।
ये हुआ था शिविर में
बिल्हा विकासखंड के ग्राम पौंसरी में जिले के प्रभारी मंत्री अजय चंद्राकर के सामने विभागों के सीनियर अफसरों ने मंच पर भारी फजीहत कराई थी। शिविर में उपस्थित लोगों ने अफसरों की इस नाकामी पर जमकर ठहाके लगाए थे। इसके अलावा अन्य शिविरों में भी यही हाल रहा। इसे लेकर कलक्टर तक को मंत्री की नाराजगी झेलनी पड़ी थी।
बिलासपुर कलेक्टर अंबलगन पी ने कहा कि अधिकारियों द्वारा अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का वहन नहीं करने पर डांटना पड़ा। विभाग प्रमुखों को अपनी जवाबदेही से पीछे नहीं हटना चाहिए। टीएल की बैठक में उनको यह समझाया गया।
कलक्टर ने शुक्रवार को मंथन सभाकक्ष में टीएल की बैठक ली। लोक सुराज अभियान समाप्त होने के बाद शुक्रवार को यह पहली टीएल बैठक थी। इसमें स्वास्थ्य विभाग, पीडब्ल्यूडी, पीएएचई, आरईएस, पशु चिकित्सा विभाग, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, जिला पंचायत, शिक्षा विभाग, वन विभाग, राजस्व सहित अन्य विभागों के सीनियर अफसर उपस्थित थे।
इस बैठक में हाल में ही संपन्न हुए सुराज अभियान और शिविर में विभागों की फजीहत प्रमुख मुद्दा बना। शिविर में मांगी गई पूरी जानकारी उपलब्ध न करा पाना, योजनाओं व उनके क्रियान्वयन के बारे में ठीक से नहीं बता पाना और काम में लापरवाही को लेकर मिली सैकड़ों शिकायतों को लेकर कलक्टर जमकर बरसे। समीक्षा बैठक ढाई घंटे तक चली।
बडे़ अफसर हैं तो जूनियर को क्यों सामने किया
कलक्टर ने सीनियर अफसरों से कहा कि आप अपने-अपने विभाग के प्रमुख और बडे़ अफसर बनते हैं। जब विभाग की जानकारी देने की बारी आती है, तब जूनियर को सामने खड़ा करके खुद दाएं-बाएं हो जाते हैं।
ये हुआ था शिविर में
बिल्हा विकासखंड के ग्राम पौंसरी में जिले के प्रभारी मंत्री अजय चंद्राकर के सामने विभागों के सीनियर अफसरों ने मंच पर भारी फजीहत कराई थी। शिविर में उपस्थित लोगों ने अफसरों की इस नाकामी पर जमकर ठहाके लगाए थे। इसके अलावा अन्य शिविरों में भी यही हाल रहा। इसे लेकर कलक्टर तक को मंत्री की नाराजगी झेलनी पड़ी थी।
बिलासपुर कलेक्टर अंबलगन पी ने कहा कि अधिकारियों द्वारा अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का वहन नहीं करने पर डांटना पड़ा। विभाग प्रमुखों को अपनी जवाबदेही से पीछे नहीं हटना चाहिए। टीएल की बैठक में उनको यह समझाया गया।
