जयपुर।। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री सचिन पायलट ने राज्य सरकार द्वारा भाजपा कार्यालय में आयोजित होने वाली जनसुनवाई को जनता की परेशानी का सबब करार देते हुए इसे भाजपा द्वारा जनता को भ्रमित करने वाला बताया है।
श्री पायलट ने आज एक बयान जारी कर कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार जनता को जनसुनवाई के नाम पर गुमराह कर रही है। प्रदेश की जनता गत् सवा दो सालों में भाजपा की वादाखिलाफी से परेशान है। लोग उम्मीद के साथ प्रदेश के दूर-दराज क्षेत्रों से अपनी परेशानियों के समाधान के लिए जनसुनवाई के लिए आते हैं परन्तु उन्हें किसी प्रकार की कोई राहत आज तक नहीं मिली है। भाजपा कार्यालय में बैठकर मंत्री अपनी विफलताओं का ठीकरा विपक्ष पर फोडऩे का काम कर रहे हैं। प्रदेश की समस्याओं के निदान के लिए सरकार के पास कोई रोडमैप नहीं है। उन्होंने कहा कि इसीलिए भाजपा के मंत्री अपनी सरकार की विफलताओं पर पर्दा डालने के लिए पाँच साल के जनादेश को कम बता रहे हैं और अपने चयन के निर्धारित कार्यकाल की सच्चाई को भी झुठलाना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि सभी को जनादेश पाँच साल के लिए मिलता है और इस दौरान ही निर्वाचित सरकार को जनता की कसौटी पर खरा उतरना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 19 से ज्यादा जिले सूखे का सामना कर रहे हैं और ऐसी विकट परिस्थितियों के बावजूद जलदाय विभाग ने जनता को राहत पहुँचाने के मद्देनजर कोई अग्रिम व्यवस्थाएं नहीं की है। सरकार जब सामूहिक जनसमस्याओं के निदान के मोर्चे पर विफल है तो व्यक्तिगत समस्याओं का निराकरण कैसे होगा, समझ से परे है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के दूरस्थ जिलों से लोग अपनी परिवेदनाओं के निस्तारण के लिए सरकार के जनसुनवाई कार्यक्रम में पहुँचते है और हताश होकर लौट रहे हैं जिसमें उनके अमूल्य समय और पैसे की बर्बादी निश्चित है। उन्होंने कहा कि सरकार का यह ढोंग जनता पर भारी पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई के दौरान बेरोजगारों व संविदाकर्मियों को अपनी मांग रखने पर लाठियां खानी पड़ी है और आम जनता को दुव्र्यवहार का सामना करना पड़ा है। अनेकों बार एक ही समस्या के लिए फरियाद करने के बावजूद समाधान का समाधान नहीं होने के कारण जनसुनवाई में लोगों की भागीदारी भी ना के बराबर रह गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा दिखावे की राजनीति को छोडक़र ठोस नीतियों को धरातल पर उतारे क्योंकि पानी की कमी से जूझ रहे प्रदेशवासी लचर सरकारी कार्यप्रणाली से पूरी तरह निराश हो चुके है।
श्री पायलट ने आज एक बयान जारी कर कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार जनता को जनसुनवाई के नाम पर गुमराह कर रही है। प्रदेश की जनता गत् सवा दो सालों में भाजपा की वादाखिलाफी से परेशान है। लोग उम्मीद के साथ प्रदेश के दूर-दराज क्षेत्रों से अपनी परेशानियों के समाधान के लिए जनसुनवाई के लिए आते हैं परन्तु उन्हें किसी प्रकार की कोई राहत आज तक नहीं मिली है। भाजपा कार्यालय में बैठकर मंत्री अपनी विफलताओं का ठीकरा विपक्ष पर फोडऩे का काम कर रहे हैं। प्रदेश की समस्याओं के निदान के लिए सरकार के पास कोई रोडमैप नहीं है। उन्होंने कहा कि इसीलिए भाजपा के मंत्री अपनी सरकार की विफलताओं पर पर्दा डालने के लिए पाँच साल के जनादेश को कम बता रहे हैं और अपने चयन के निर्धारित कार्यकाल की सच्चाई को भी झुठलाना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि सभी को जनादेश पाँच साल के लिए मिलता है और इस दौरान ही निर्वाचित सरकार को जनता की कसौटी पर खरा उतरना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 19 से ज्यादा जिले सूखे का सामना कर रहे हैं और ऐसी विकट परिस्थितियों के बावजूद जलदाय विभाग ने जनता को राहत पहुँचाने के मद्देनजर कोई अग्रिम व्यवस्थाएं नहीं की है। सरकार जब सामूहिक जनसमस्याओं के निदान के मोर्चे पर विफल है तो व्यक्तिगत समस्याओं का निराकरण कैसे होगा, समझ से परे है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के दूरस्थ जिलों से लोग अपनी परिवेदनाओं के निस्तारण के लिए सरकार के जनसुनवाई कार्यक्रम में पहुँचते है और हताश होकर लौट रहे हैं जिसमें उनके अमूल्य समय और पैसे की बर्बादी निश्चित है। उन्होंने कहा कि सरकार का यह ढोंग जनता पर भारी पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई के दौरान बेरोजगारों व संविदाकर्मियों को अपनी मांग रखने पर लाठियां खानी पड़ी है और आम जनता को दुव्र्यवहार का सामना करना पड़ा है। अनेकों बार एक ही समस्या के लिए फरियाद करने के बावजूद समाधान का समाधान नहीं होने के कारण जनसुनवाई में लोगों की भागीदारी भी ना के बराबर रह गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा दिखावे की राजनीति को छोडक़र ठोस नीतियों को धरातल पर उतारे क्योंकि पानी की कमी से जूझ रहे प्रदेशवासी लचर सरकारी कार्यप्रणाली से पूरी तरह निराश हो चुके है।
