मध्यप्रदेश के राजगढ़ में एक प्रायवेट जॉब करने वाले युवक ने खुद को आईएएस अफसर बताकर एक मास्टरनी से संबंध बनाए और उसके साथ दुष्कर्म किया. आरोपी एक मामूली निजी कंपनी में काम करता था लेकिन खुद को आईएएस अफसर बताता था. एक सरकारी स्कूल में प्राध्यापिका उसके संपर्क में आ गई और दोनों के बीच दोस्ती हो गई.
जानकारी के मुताबित युवक का नाम रामदास है और वह इंदौर की एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था. वह राजगढ़ में अक्सर टूर करता रहता था. यहीं पर उसकी मुलाकात सरकारी स्कूल की प्राध्यापिका से हुई. युवक ने खुद को आईएएस अफसर बताया और युवती को अपने जाल में फंसा लिया. धीरे-धीरे दोनों नजदीक आ गए.
रामदास ने प्राध्यापिका को झांसा दिया कि उसका आईएएस में चयन हो गया है. युवती उसके इस झूठ से अंजान थी. वह आंख बंद कर उसकी सारी बाते मान गई. प्राध्यापिका शादीशुदा नहीं थी तो अचानक एक दिन रामदास ने उसके सामने शादी का प्रस्ताव रख दिया. रामदास के शादी के प्रस्ताव पर प्राध्यापिका ने सहमति दे दी और दोनों के बीच इस दौरान शारीरिक संबंध भी बन गए.
पहले तो युवती रामदास के झूठ से अंजान थी लेकिन सच कितने दिन छिपता. एक दिन रामदास की पोल खुल गई. सच सामने आने पर युवती का भरोसा पूरी तरह टूट गया. रामदास की असलियत सामने आने पर पीड़िता ने उसपर दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया. राजगढ़ की अदालत ने रामदास को दस साल की सजा सुनाई.
