Headline
Loading latest headlines...

यूपी के इस जिले में पत्नियां है हिटलर, नाम सुनते ही कांपने लगते हैं पति

Translate Post:
    आपने पतियों द्वारा पति को प्रताड़ित करने की ख़बरें तो कई बार सुनी होंगी लेकिन जब सैकड़ों की संख्या में पुरुष अपने पत्नी की अत्याचार से परेशान होकर शिकायत लेकर परामर्श केंद्र पहुंचे तो मामला निश्चित रूप से गंभीर है. जी हां आपने ठीक पढ़ा, उत्तर प्रदेश के एक जिले में एक नहीं पूरे 480 पुरूषों ने अपने पत्नी की प्रताड़ना से तंग आकर परिवार परामर्श केन्द्रों की शरण ली है. इनमे से किसी की पत्नी मायके से आने को नहीं तैयार, तो किसी पत्नी हिटलर की तरह करती हैं बर्ताव
       पूरा मामला देवरिया का है. जहां संचालित होने वाले संकल्प परिवार परामर्श केन्द्र पर 480 पुरूषों ने अपनी पत्नी से प्रताड़ित होने की शिकायत दर्ज कराई है. ये शिकायतकर्ता अपनी पत्नी के अत्याचारों के खिलाफ न्याय की गुहार लगा रहे हैं.
      दरअसल, संकल्प परिवार परामर्श केन्द्र पर अपनी पत्नी से पीड़ित पतियों की कई तरह की शिकायतें हैं. किसी की पत्नी मायके से आने को तैयार नहीं है, तो किसी की पत्नी घर में सास के साथ रहने को तैयार नहीं है. वहीं कई ऐसी पत्नियां हैं जो अपने पति की धुलाई तक करने से बाज नहीं आती जबकि कई ऐसी पत्नियां हैं जो अपने पति के पास न रहती हैं और न उसे तलाक दे रही हैं. पतियों पर पत्नी की इस जुल्म की बानगी भर है. क्योंकि कई पति ऐसे हैं जो परामर्श केन्द्र पर अपनी पीड़ा बयां करते-करते फफक पड़ते हैं.
      एक शिकायतकर्ता ने बताया कि उसकी पत्नी चार बच्चों की मां है, वह तीन बच्चों को उसके पास छोड़कर अपने मायके रह रही है. बार-बार बुलाया और आने की बजाए उसने मुझ पर केस ठोंक दिया. अब मुझे तीन बच्चों का भरण पोषण करने के साथ-साथ अब कचहरी का चक्कर भी लगा रहा हूं. इस तरह के पीड़ित पुरुषों की संख्या दिन ब दिन बढ़ती जा रही है. केन्द्र पर 480 पीड़ित पुरुष अपनी शिकायतें दर्ज करा चुके हैं. केन्द्र के कांउसलर बीके सिन्हा और शशि प्रभा मिश्रा इन दिनों इन्हीं मामलों को निपटाने में व्यस्त हैं.
      अपनी पत्नी की शिकायत लेकर आए एक पुरूष ने कहा कि पति व पत्नी के बीच होने वाले किसी भी विवाद में हमेशा पुरूषों को ही दोषी माना जाता है. यह सही है कि अधिकांश मामलों में महिला पर अत्याचार ज्यादा देखने को मिलता है. लेकिन कई बार पत्नी भी पुरूषों पर जुल्म करती हैं. ऐसे मामले में महिलाएं कानून का फायदा उठाकर पुरूषों का शोषण करती है.