अब देश को एक ऐसा IAS मिलने वाला है जो अभी IAS बना भी नहीं और कहने लगा मैं मुस्लिम हु और मुस्लिमो के लिए काम करूँगा.
पूरा वाकया ये है की पुणे में अंसार अहमद नाम के इस शख्स ने UPSC की पढाई करने के लिए मकान किराये पर लिया, वहां इसने स्वयं को शुभम बताया
दरअसल आतंकी गतिविधियों के कारन मुस्लिमो को कोई किराये पर नहीं रखना चाहता इसलिए अंसार ने खुद को हिन्दू बताकर मकान मालिक को धोखा दिया. जब इसने UPSC की परीक्षा पास कर ली तब यर कह रहा है की, ये तो अंसार अहमद था, और अब IAS बनने के बाद करेगा अल्पसंख्यको के लिए कार्य. तो अब देश में ऐसे IAS होंगे जो जनता के लिए नहीं बल्कि अपने वर्ग के लिए काम करेंगे.
इस हिसाब से तो हिन्दू IAS को केवल बहुसंख्यको के लिए कार्य करना चाहिए, इस तरह की धोखाधड़ी से देश का बेडा गर्ग होना तय है. जहाँ IAS बनने के बाद अंसार अहमद जनता के लिए नहीं बल्कि अल्पसंख्यक वर्ग के लिए काम करने को इच्छुक है.
(Sanjay Dwivedy)
पूरा वाकया ये है की पुणे में अंसार अहमद नाम के इस शख्स ने UPSC की पढाई करने के लिए मकान किराये पर लिया, वहां इसने स्वयं को शुभम बताया
दरअसल आतंकी गतिविधियों के कारन मुस्लिमो को कोई किराये पर नहीं रखना चाहता इसलिए अंसार ने खुद को हिन्दू बताकर मकान मालिक को धोखा दिया. जब इसने UPSC की परीक्षा पास कर ली तब यर कह रहा है की, ये तो अंसार अहमद था, और अब IAS बनने के बाद करेगा अल्पसंख्यको के लिए कार्य. तो अब देश में ऐसे IAS होंगे जो जनता के लिए नहीं बल्कि अपने वर्ग के लिए काम करेंगे.
इस हिसाब से तो हिन्दू IAS को केवल बहुसंख्यको के लिए कार्य करना चाहिए, इस तरह की धोखाधड़ी से देश का बेडा गर्ग होना तय है. जहाँ IAS बनने के बाद अंसार अहमद जनता के लिए नहीं बल्कि अल्पसंख्यक वर्ग के लिए काम करने को इच्छुक है.
(Sanjay Dwivedy)

