UP के छात्रों ने किया कमाल, अब हजारों मील दूर से भी चलेगी ‘गन’

Translate News:
UP के छात्र ने सेना के लिए बनाया अनोखा डिवाइस 
     कुशीनगर जिले के एक किसान परिवार में जन्मे छात्र ने एक बहुउपयोगी डिवाइस बनाया है. इस अनोखे डिवाइस से ध्वनि तरंगों को विद्युत तरंगों में बदल कर हजारों किलोमीटर दूर से भी विद्युत उपकरणों को चालू और बंद किया जा सकता है. यही नहीं इस डिवाइस से मोबाइल के जरिये कहीं से भी रिवाल्वर, बन्दूक जैसे असलहों से फायर भी कराया जा सकता है.
    छात्र संदीप पासवान का दावा है कि इस डिवाइस से सेना के उपयोग में आने वाले सभी आधुनिक हथियार भी संचालित हो सकते हैं. यदि वाकई इस छात्र का प्रयोग सफल रहा तो सेना के लिए यह डिवाइस एक मिल का पत्थर साबित होगा.
     मिली जानकारी के अनुसार, कुशीनगर जनपद अंतर्गत स्थित सुकरौली विकास खंड के खागी मुंडेरा गांव निवासी संदीप पासवान की रूचि शुरू से ही विद्युत तारों को जोड़ने और उपकरणों को बनाने में रही है. इस छात्र के पिता सुकदेव पासवान भी डांटने के बजाय प्रोत्साहित करते रहते हैं. बारहवी कक्षा मैथ से उतीर्ण करने के बाद आगे की पढ़ाई करने के लिए उसने आर्ट के विषयों को चुना. संदीप बताता है कि सीमा पर सैनिकों के शहीद होने की खबर सुन कर उसे बड़ा दुख होता था. उनके लिए कुछ करने की तमन्ना हमेशा दिल में होती रहती थी. एक दिन मन में यह बात आई कि क्यों न ध्वनि तरंगों को एक बार फिर विधुत तरंगों में बदल कर उपयोग किया जाय. महीनों तक काम करने के बाद इस डिवाइस का निर्माण संभव हो सका.
     इसके सिद्धांत के बारे में संदीप ने बताया कि मोबाइल द्वारा विद्युत तरंगों को ध्वनि तरंगों में बदल दिया जाता है और हम कहीं भी बैठे बात कर लेते हों. इस डिवाइस के माध्यम से ध्वनि तरंगों को एक बार फिर विधुत तरंगों में बदल दिया जाता है और इन्हीं के माध्यम से विधुत उपकरणों को चालू और बंद किया जाता है. यह डिवाइस एक मोबाइल से कनेक्ट रहता है. इस मोबाइल पर दूर बैठे कहीं से भी कॉल करने पर डिवाइस ध्वनि तरंगों को विद्युत तरंगों में परिवर्तित कर देता है और विद्युत उपकरण ऑन-ऑफ हो जाते हैं. यही नहीं इस डिवाइस से एक छोटे से मोटर के जरिए बन्दूक, रिवाल्वर जैसे असलहों से दूर बैठ कर फायर भी कराया जा सकता है. कैमरे के सामने इस छात्र ने फैन और बल्व ऑन-ऑफ करने के अलावा रिवाल्वर से फायर करा कर भी दिखाया.
    उसने बताया कि अभी यह प्रयोग प्रारंभिक स्तर पर है. वह मनचाही दिशा में सेना के सभी आधुनिक असलहों से फायर कराने और उन्हें संचालित करने के लिए काम कर रहा, लेकिन धन की कमी आड़े आ रही है.
Loading...

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !
To Top