कैंसर से लड़ाई में अहम कामयाबी, वक्‍त पर बीमारी का पता लगा लेगा यह टेस्‍ट

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     लंदन।। वक्‍त रहते जानलेवा बीमारी कैंसर का पता लगाकर इलाज के जरिए लोगों की जान बचाने की दिशा में वैज्ञानिकों के हाथ अहम कामयाबी लगी है। उन्‍होंने एक ऐसे सामान्‍य ब्‍लड टेस्‍ट की खोज करने में सफलता पाई है जो शरीर में कैंसर के लक्षणों के जाहिर होने से पहले ही उसका पता लगा लेगा। इस टेस्ट की कीमत 3100 रुपये के करीब है।
    इस टेस्‍ट को 'स्‍मोक डिटेक्‍टर टेस्‍ट' के नाम से भी जाना जा रहा है। दरअसल, पहले के टेस्‍टों के जरिए जहां कैंसर का पता लगाया जाता था वहीं इस टेस्‍ट के जरिए कैंसर का नहीं बल्कि लाल रक्‍त कोशिकाओं में होने वाली तबदीली का पता लगाया जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि इन कोशिकाओं में परिवर्तन तभी होता है जब कैंसर मौजूद होता है।
       बता दें कि कैंसर की इलाज की दिशा में एक महत्‍वपूर्ण कारक यह होता है कि वक्‍त रहते उसका पता लगा लिया जाए। ऐसा होने पर मरीज की जान बचाई जा सकती है। अगर शरीर के किसी एक हिस्‍से में ट्यूमर का पता लगा लिया जाता है तो सर्जरी के जरिए उसे निकाला जा सकता है।
    इस स्‍टडी की अगुवाई करने वाले प्रफेसर गेरथ जेनकिन्‍स ने कहा कि इस टेस्‍ट का नाम 'स्‍मोक डिटेक्‍टर टेस्‍ट' इसलिए रखा गया है क्‍योंकि जिस तरह घर में लगे स्‍मोक डिटेक्‍टर आग को नहीं बल्कि उसके बाई-प्रॉडक्‍ट धुएं को डिटेक्‍ट (पता लगाना) करते हैं, ठीक उसी तरह इस टेस्‍ट के जरिए परिवर्तित रक्‍त कोशिकाओं की मदद से कैंसर का पता लगाया जाता है।
    प्रफेसर गेरथ ने कहा, 'पुरानी कहावत है कि धुआं वहीं उठता है जहां आग है। यह टेस्‍ट भी ऐसा ही है। मतलब यह कि रक्‍त कोशिकाओं में परिवर्तन के बिना कैंसर नहीं होता है।'
     इस टेस्‍ट के जरिए लाल रक्‍त कोशिकाओं की सतह पर मौजूद प्रोटीन में होने वाले परिवर्तन को डिटेक्‍ट किया जाता है। एक स्‍वस्‍थ इंसान में इस तरह का पर‍िवर्तन औसतन प्रति मिलियन (दस लाख) पर पांच का होता है। लेकिन कैंसर से पीड़‍ित किसी इंसान में यह परिवर्तन प्रति मिलियन पर औसतन 50 से 100 के बीच होता है।

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