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150 ब्राह्मण कर रहे हैं जापान का शुद्धिकरण, पीएम मोदी के कहने पर महायज्ञ शुरू...


    एक ओर जहाँ भारत में महायज्ञ जैसी प्राचीन हिन्दू मान्यताओं का विरोध होता रहता है। वहीं दूसरी ओर विदेशी धरती पर बार बार इस तरह की मान्यताओं को बढ़ावा दिया जाता है।

    रिवोल्ट प्रेस को मिली प्राप्त जानकारी अनुसार जापान में शुद्ध पर्यावरण के लिए अपने देश में क्लीन जापान नाम से एक अभियान शुरू किया है जिसमें भारत की मदद ली जा रही है।
     जापान में बढ़ते प्रदूषण के कारण हालात लगातार बदतर होते जा रहे हैं। मगर इस समस्या से निपटने में कोई भी उपाय कारगर साबित नहीं हो रहा था।
     जिसके बाद प्रधानमन्त्री मोदी ने जापान को भारत की प्राचीन संस्कृति को अपनाने का सुझाव दिया था। जापान ने जिसे मानते हुए पर्यावरण संतुलन बनाने की कोशिश में यह उपाय अपनाया है।
     रिवोल्ट प्रेस को प्राप्त जानकारी अनुसार अमेरिका के वैदिक यज्ञ संस्थान और जापान सरकार के अनुरोध पर भारत से 108 वैदिक पंडित, 2 आचार्य, 10 वैकल्पिक पंडित और 15 सहायक को मिलाकर 150 ब्राह्मणों का यह समूह जापान गया ह।
     प्रधानमन्त्री मोदी के दिए सुझाव अनुसार वहां इन 150 ब्राह्मणों द्वारा महायज्ञ शुरू किया गया है। जो नौ दिन तक लगातार चलेगा। इस यज्ञ के लिए ब्राह्मणों के इस समूह में अधिकतर ब्राह्मण काशी से गये हैं।
     माना जाता है कि पुराने समय में यह प्रथा पूरे भारत में अपनाई जाती थी। जिस कारण से यहाँ सबसे शुद्ध पर्यावरण पाया जाता था। मगर समय के साथ कभी गुलामी की जंजीरों ने (मुगल, अंग्रेज), तो कभी मानसिक गुलामी (वामपंथ और नास्तिकवाद) ने इस तरह की प्रथा को भारत में टिकने न दिया।
    वैदिक यज्ञ की महत्ता आदि काल की प्रथा है। जिसके आयोजन से वर्षा होती है, वर्षा से अन्न उत्पन होता है और अन्न से प्रजा पालन और समृद्धि आती है। इस यज्ञ का अनुष्ठान हजारो वर्षो से चला आ रहा है।
    मगर बिगड़ते पर्यावरण के हालत को जापान समझ गया। जिस कारण जापान ने प्रधानमन्त्री मोदी की बात मान अपने देश का पर्यावरण सुधारने की पहल कर दी है।

    बता दें कि जापान ने मोदी सरकार से इस बारे में अधिकारिक रूप से बात की थी। जिसे संज्ञान में लेते हुए प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने खुद भी इस अभियान में मदद का भरोसा दिलाया था, जिसके बाद यह अभियान शुरू किया गया है।