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पुराने साथियों के सामने निकला मुलायम का दर्द, पूछा- क्या यही दिन देखने थे?

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Image result for sad mulayam   सपा सुप्रीमो अपने राजनीतिक जीवन में पहली बार इतने असहाय नजर आ रहे हैं। लखनऊ। सपा सुप्रीमो अपने राजनीतिक जीवन में पहली बार इतने असहाय नजर आ रहे हैं। लखनऊ में बिखरे कुनबे को समेटने के लिए चल रही बैठक में मुलायम सिंह अपनों के आगे कई बार बेबस नजर आए। बैठक में मुलायम बेहद आहत दिखे। वे कई बार भावुक हुए। मुलायम ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि अखिलेश ऐसा करेंगे।
      मुलायम के घर वरिष्ठ नेता बेनी प्रसाद वर्मा, माता प्रसाद पाण्डेय, नरेश अग्रवाल, किरनमय नंदा, रेवतीरमण सिंह पहुंचे। सबने मुलायम से कहा कि वो दखल दें, ताकी पार्टी में सब कुछ ठीक हो। बैठक में मुलायम अखिलेश के साथ-साथ भाई रामगोपाल पर भी बेहद नाराज थे। उन्होंने कहा कि आज तक विरोधियों ने जो नहीं कहा वो हमारी पार्टी के लोगों ने मेरे परिवार के लिए कहा। यही दिन देखने थे क्या?
     मुलायम ने ये भी कहा कि मुझे बताया गया कि रामगोपाल अखिलेश के कहने पर नई पार्टी बनाने चुनाव आयोग तक चले गए थे। पर वहां ये कहा गया कि नई पार्टी का रजिस्ट्रेशन कराने में सात आठ महने का वक्त लगेगा, लिहाजा वो वापस लौट आए। क्या यही देखने के लिए खून पसीने से पार्टी खड़ी की थी?
बैठक में सबने मुलायम को समझाया। उनसे कहा गया कि अखिलेश सबकी इज्जत करते हैं, पर बीच वाले गड़बड़ कर रहे हैं। ये भी कहा कि जिसने भी परिवार और नेता जी के खिलाफ बोला है, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकी संदेश सब तक जाए।
     पुराने नेताओं के साथ मुलायम सिंह की चल रही बैठक में शिवपाल तीन बार आए और गए। हर बार उन्होंने कहा कि मुझे इस्तीफा दे देना चाहिए, इससे शायद सब कुछ ठीक हो जाए। इस पर मुलायम ने कहा कि आप ऐसा नहीं करेंगे।
     पुराने नेताओं ने भावुक मुलायम को संभालते हुए कहा कि बेटे का नुकसान नहीं होना चाहिए, साथ ही पार्टी का भी नहीं। अखिलेश ही पार्टी का चेहरा होना चाहिए। अगर अखिलेश का नुकसान होगा तो पार्टी का भी नुकसान होगा। इन नेताओं ने कहा कि अगर आपकी इजाजत हो तो हम सब अखिलेश से जाकर मिलना चाहते हैं। इस पर मुलायम ने कहा जाइए और समझाइए कि खुद अपने पैरों पर कुल्हाड़ी क्यूं मार रहे हैं।

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