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जासूसी केस: सपा सांसद मुनव्वर सलीम का PA फहत हिरासत में, पूछताछ जारी

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दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में नागौर के मौलाना रमजान और सुभाष जांगिड़ को अरेस्ट किया है।
   नई दिल्ली।। पाकिस्तानी हाई कमीशन से चल रहे जासूसी रैकेट में शामिल चौथे आरोपी फहत को शनिवार को यूपी से पकड़ा गया। दिल्ली पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। आरोपी सपा के राज्यसभा सांसद चौधरी मुनव्वर सलीम का PA बताया जा रहा है। बता दें कि गुरुवार को दिल्ली चिड़ियाघर के पास पुलिस ने हाई कमीशन के वीजा अफसर महमूद अख्तर समेत तीन जासूसों को पकड़ा था। महमूद आईएसआई का एजेंट था, जिसे जासूसी के मकसद से भारत भेजा गया था। 26/11 जैसा हमला कराना चाहती थी ISI...
- होम मिनिस्ट्री के एक अफसर का दावा है कि हाई कमीशन में बैठकर अख्तर देश के समुद्री इलाकों की जानकारियां जुटा रहा था। मकसद गुजरात-महाराष्ट्र में समुद्र से सटे इलाकों में 26/11 जैसा हमला कराना था।
- भारत में पाकिस्तान के लिए बीएसएफ की जानकारी जुटा रहे जासूस मौलाना रमजान और सुभाष जांगिड़ के पास से गुजरात-राजस्थान में फोर्स की तैनाती की डिलेट मिली थी।
भारत में जासूसी का नेटवर्क फैलाने वाला शोएब 6 बार जा चुका है पाकिस्तान
- दिल्ली के ज्वाइंट सीपी रवींद्र यादव ने शुक्रवार को कहा, ''अरेस्ट तीनों जासूसों के अलावा कुछ और लोग भी इस नेटवर्क में शामिल हो सकते हैं। उन्हें ट्रैस कर लिया है, जल्द ही उनके ठिकानों पर रेड होगी।''
- ''शोएब जोधपुर में वीजा एजेंट का काम करता है। उसकी मां और फैमिली के कई मेंबर पाकिस्तान में रहते हैं। दिल्ली में पाक हाई कमीशन के साथ बॉर्डर पार भी उसकी पकड़ मजबूत है। 4 साल से जासूसी में शामिल है और 6 बार पाकिस्तान जा चुका है।''
- ''शोएब के पास से कुछ खुफिया दस्तावेज और फैबलेट मिला है। जिसे उसने गिरफ्तारी से पहले तोड़ने की कोशिश की थी।''
वॉट्स ऐप से कॉल करते थे जासूस
- एक सीनियर अफसर ने बताया, ''क्राइम ब्रांच ने मौलाना और सुभाष के मोबाइल कब्जे में लिए हैं। जांच में पता चला है कि अख्तर से बात करने के लिए वे ज्यादातर वॉट्सऐप पर वाइस कॉल करते थे।''
- ''कभी-कभी नॉर्मल कॉल पर भी इन लोगों के बीच बातचीत होती थी। जिसमें ये कोडवर्ड में बात करते थे। टीम 6 महीने से इन पर नजर रख रही थी।
- अख्तर हर महीने दिल्ली के कई पब्लिक प्लेस में मौलाना और सुभाष से मिलता था। जहां उनके बीच खुफिया डिटेल और पैसों का लेन-देन होता था।
- ''मौलाना रमजान, सुभाष जांगिड़ को खुफिया जानकारी पाक हाई कमीशन में तैनात आईएसआई एजेंट अख्तर को देने के बदले 30 से 50 हजार रुपए मिलते थे।''

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