इंफाल।। मणिपुर में संयुक्त नागा परिषद (यूएनसी) की ओर से गत 31 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी के कारण जरुरी सामानों की आवाजाही ठप हो गई है। इसका स्थानीय जनजीवन पर बुरी तरह से प्रभाव पड़ रहा है। यूएनसी ने यह नाकेबंदी मणिपुर सरकार से सदर पहाड़ी और जिरिबाम उपमंडल को जिला बनाने की मांग को लेकर की है। इस बीच केंद्र सरकार की ओर से 500 और 1000 रूपए के नोट को अमान्य करने के बाद पहले से ही मुश्किलों का सामना कर रहे इस राज्य को और भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सभी तेल डिपो बंद है।
काला बाजार में पेट्रोल 200 रूपए लीटर मिल रहा है। सडकों से स्कूली तथा अन्य वाणिज्यक वाहन भी नदारद रहे। नाकेबंदी की वजह से रसोई गैस की आपूर्ति बाधित है और काला बाजार में रसोई गैस के एक सिलेंडर की कीमत 2000 रुपये तक पहुंच गई है।
राज्य में स्कूल वाहनों के न चलने से अधिकतर शैक्षणिक संस्थान बंद रहे। दोनों उपमंडल के लोगों ने भी तुरंत उपमंडल को जिला बनाने की मांग की।
जिरिबाम जिला मांग समिति(जीडीडीसी) ने भी इंफाल-जिरिबाम राजमार्ग पर गत सात नवंबर से दोनों उपमंडल को जिला बनाने की मांग को लेकर आर्थिक नाकेबंदी की है।
