कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी सोमवार सुबह एक बार फिर एटीएम पहुंचे. इस दौरान उन्होंने एटीएम की कतार में लगे लोगों से बात कर उनकी समस्याएं सुनीं.
संसद जाने से पहले राहुल आनंद पर्वत, जखीरा, इंदल्रोक और जहांगीरपुरी सहित कई इलाकों के एटीएमों पर पहुंचे जहां पर उन्होंने केन्द्र के 500 और 1000 रूपये के नोट हटाने के निर्णय पर लोगों के समक्ष आ रही समस्याओं पर उनसे बातचीत की.
हालांकि, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आठ नवंबर को इस संबंध में की गयी बड़ी घोषणा के बाद गांधी पहले भी एक एटीएम पर गये थे.
वह 11 नवंबर को संसद मार्ग स्थित भारतीय स्टेट बैंक भी पहुंचे थे और लोगों के साथ कतार में खडे होकर पुराने नोटों को नये नोटों में बदला था. पिछले सप्ताह वह मुंबई के उपनगरीय वकोला में एक एटीएम पर अचानक पहुंच गये थे और कतार में खड़े लोगों से बातचीत की थी.
विमुद्रीकरण के आलोचक गांधी ने प्रधानमंत्री पर तीखा हमला शुरू करते हुये कहा कि जब लोग बैंकों और एटीएमों के बाहर रूपया निकालने के लिए कतार में मर रहे हैं तो वह ‘हंस’ रहे हैं और यह निर्णय एक ‘बड़ा घोटाला’ साबित होगा.
उन्होंने दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित कई अर्थशास्त्रियों ने महसूस किया कि 500 और 1000 रूपये के नोटों को वापस लेने का फैसला तर्कहीन है और ऐसा नहीं लग रहा है कि विजय माल्या और ललित मोदी जैसे काले धन के ‘बड़े खिलाड़ियों’ के खिलाफ सरकार कुछ कर रही है .
वह 11 नवंबर को संसद मार्ग स्थित भारतीय स्टेट बैंक भी पहुंचे थे और लोगों के साथ कतार में खडे होकर पुराने नोटों को नये नोटों में बदला था. पिछले सप्ताह वह मुंबई के उपनगरीय वकोला में एक एटीएम पर अचानक पहुंच गये थे और कतार में खड़े लोगों से बातचीत की थी.
विमुद्रीकरण के आलोचक गांधी ने प्रधानमंत्री पर तीखा हमला शुरू करते हुये कहा कि जब लोग बैंकों और एटीएमों के बाहर रूपया निकालने के लिए कतार में मर रहे हैं तो वह ‘हंस’ रहे हैं और यह निर्णय एक ‘बड़ा घोटाला’ साबित होगा.
उन्होंने दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित कई अर्थशास्त्रियों ने महसूस किया कि 500 और 1000 रूपये के नोटों को वापस लेने का फैसला तर्कहीन है और ऐसा नहीं लग रहा है कि विजय माल्या और ललित मोदी जैसे काले धन के ‘बड़े खिलाड़ियों’ के खिलाफ सरकार कुछ कर रही है .

