न्योता निकाह का, कार्ड पर लिखा 'श्री गणेशाय: नम'

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     वाराणसी।। फैशन के दौर में शादी कार्ड के डिजाइन और भाषा को लेकर दिखते विविध रंगों के बीच बलिया जिले के हल्दी ब्लॉक के पिंडारी गांव में सौहार्द का अनूठा रंग देखने को मिला है। पिंडारी में रहने वाले सिराजुद्दीन के निकाह का जो कार्ड गांव में बांटा गया उस कार्ड पर हिंदुओं के प्रथम पूज्यदेवता भगवान श्रीगणेश को स्थान देते हुए 'श्री गणेशाय: नम' लिखा गया था। एक ओर जहां सड़क से लेकर संसद तक नेता हिंदू-मुस्लिम के नाम पर वोट के लिए जंग लड़ते हैं, वहीं इस छोटे से गांव में सौहार्द की जो अनूठी मिसाल दिखाई दी, उसे सलाम करने से शायद ही कोई अपने को रोक सके।
      हिंदु-मुस्लिम की मिली जुली आबादी वाले गांव पिंडारी में सिराजुद्दीन का रिजवाना से निकाह मुस्लिम रीति-रिवाज से हुआ लेकिन दावत के दौरान लजीज व्यंजनों से ज्यादा सौहार्द की मिठास महसूस हुई। सिराजुद्दीन के बड़े भाई नसरुल्ला ने एनबीटी से फोन पर बातचीत करते हुए कहा, 'हमारे गांव में हिंदू-मुस्लिम दोनों ही रहते हैं। रिश्तेदारों के लिए हमने उर्दू में कुछ का4ड छपवाए थे। लेकिन गांव के लोगों के लिए हिंदी में कार्ड छपवाने के साथ भगवान गणेश का मंत्र भी लिखवाया था। गुजरात में नौकरी करने वाले नसरुल्ला ने कहा कि सौहार्द व प्यार में लोग धर्म-जाति के बंधन तोड़कर आर्शीवाद देते हैं।
      निकाह के कार्ड पर 'श्री गणेशाय नम:' के साथ नारियल युक्त कलश पर स्वास्तिक का चित्र भी बना है। सबसे खास बात यह है कि कार्ड पर 'मंगलम् भगवान विष्णु:, मंगलम गरुड़ध्वज:। मंगलम् पुंडरीकांक्ष मंगलाय तनो हरि।।' मंत्र भी लिखा है। परिवार के एक अन्य सदस्य कियामुद्दीन ने कहा, 'हम हिंदू-मुस्लिम मिलकर सभी शादी समारोह एक साथ मनाते हैं। ऐसे सात सौ कार्ड वितरित किए हैं।' वह बताते हैं, 'हमारे परिवार में अब तक हुई शादियों में ऐसा छपवाया जा चुका है। उर्दू कार्ड कम पड़ जाने पर मुस्लिमों के घरों में भी यही कार्ड बांटे गए हैं। इस कार्ड के बाद निकाह के दावतनामा में हिस्सा लेने के लिए लोग बड़े चाव से आने के साथ दिल से आर्शीवाद देकर जा रहे हैं।'

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