कौशांबी।। जिले के सिराथू कस्बे मे एक साधारण से किसान परिवार में 07 मई 1969 को जन्मे केशव प्रसाद मौर्य का बचपन बेहद संघर्षों से भरा रहा है। पिता श्याम लाल व माता धनपत्ती देवी खेती बाड़ी करके परिवार पालते थे। तीन भाइयों व तीन बहनों में तीसरे नंबर के केशव ने प्राथमिक व उच्च प्राथमिक शिक्षा आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिराथू से ग्रहण किया। इसके बाद दसवीं व बारहवीं की शिक्षा दुर्गा देवी इंटर कालेज ओसा मंझनपुर से प्राप्त किया। साथ ही केशव प्रसाद के पास हिन्दी साहित्य सम्मेलन से साहित्य रत्न की डिग्री भी है।
शिक्षा काल के दौरान केशव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ही तरह मौर्य भी बचपन में चाय बेच चुके हैं उनकी चाय की दूकान सिराथू तहसील के पास थी। सुबह अखबार बांटने के बाद काफी समय चाय के दुकान पर बीतता था। चाय की दुकान पर ही उनकी मुलाकात विश्व हिंदु परिषद से जुड़े कुछ लोगों से हुआ। इसकी के बाद केशव मौर्या का जुड़ाव संघ की विचारधारा से हुआ। बचपन से ही वाकपटुता के धनी केशव का संपर्क विहिप के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल से हुआ।
अशोक सिंघल के संपर्क मे आने के बाद केशव के दिन बदलने लगे, यहीं से उनके राजनैतिक जीवन की भी शुरुआत हुई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सम्पर्क में आने के बाद विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल और भाजपा में करीब 18 साल तक प्रचारक रहे हैं। साथ ही श्रीराम जन्म भूमि और गोरक्षा व हिन्दू हित के लिए अनेकों आन्दोलन किया और इसके लिए जेल भी गये उनके साथी रहे कड़ा निवासी अरुण केसरवानी बताते है की केशव मौर्या जब से राजनीति की मुख्य धारा से जुड़े तो भाजपा के टिकट पर इलाहाबाद के शहर पश्चिमी से एक बार बाहुबली अतीक अहमद के खिलाफ व एक बार अतीक के भाई खालिद अजीम के खिलाफ विधानसभा का चुनाव लड़ा, हालांकि दोनों ही बार केशव मौर्य को हार का सामना करना पड़ा। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव मे गृह जनपद कौशांबी के सिराथू विधानसभा सीट समान्य हुई तो भाजपा के टिकट पर केशव मौर्य मैदान मे उतरे। पूरे प्रदेश मे सपा की लहर के बावजूद केशव ने सिराथू मे पहली बार कमल का फूल खिलाते हुये भाजपा की झोली मे सीट डाला। सिराथू से विधायक चुने गए केशव प्रसाद मौर्य को 2014 के लोकसभा चुनाव मे इलाहाबाद की फूलपुर से टिकट मिला और उन्होने फूलपुर से भाजपा प्रत्याषी के रूप में तीन लाख आठ हजार तीन सौ आठ (308308) वोटो से ऐतिहासिक जीत हासिल की। इलाहाबाद को स्मार्ट सिटी के रूप में जो उपहार मिला, उसमें भी इन्होने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की वर्ष 2016 मे भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने केशव को प्रदेश की जिम्मेदारी सौपते हुये प्रदेश अध्यक्ष बनाया। इसके बाद केशव प्रसाद मौर्य ने यूपी विधानसभा चुनाव 2017 में बीजेपी को प्रचंड बहुमत दिलाने में अहम भूमिका निभायी। वह इस समय भारत की सोलहवीं लोकसभा के सांसद हैं।
19 मार्च 2017 को ये उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ ली केशव मौर्य के खिलाफ कौशांबी और इलाहाबाद जिले में कुछ आपराधिक मामले दर्ज हैं। 2014 में जब उन्होंने एफिडेविट दिया था तो उनके खिलाफ दस आपराधिक मामले दर्ज थे। उनमें से एक मर्डर से जुड़ा भी था। हालांकि, बाद में उनको निर्दोष बताया गया था। बाद में उनके खिलाफ दंगा करने, समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना, आपराधिक धमकी, धार्मिक भावनाओं और आपराधिक साजिश को चोट पहुंचाने के जानबूझकर कृत्य करने के मामले दर्ज हुए।केशव प्रसाद मौर्य का परिवार-पत्नी- राजकुमारी-पुत्र- योगेश मौर्य व हितेश मौर्य-पिता- श्याम लाल मौर्या-माता- धनपत्ती देवी-भाई-सुख लाल मौर्या व राजेन्द्र मौर्या-बहन-सुनीता देवी, आशा देवी व कमलेश है.
