गोवा और मणिपुर में कांग्रेस को सबसे बडी पार्टी होने के बावजूद सत्ता से दूर रखने के हथकण्डे वाली भाजपा एक फासिस्ट पार्टी है, लोकतंत्र में इसका कोई यकीन नहीं है, लोकतंत्र का सिर्फ मुखौटा पहनकर सत्ता में आये हैं, तानाशाही इनकी फितरत है। आज देश में भय का माहौल है, चाहे उद्योगपति हों, व्यापारी हों या आम आदमी, सभी भय में जी रहे हैं। यह लोकतंत्र की अच्छी परम्परा नहीं है। गोवा और मणिपुर में कांग्रेस के सबसे बडे दल के रूप में उभरने के बावजूद सारी प्रक्रियाओं और परम्पराओं को तोड-मरोडकर फैसले किये जा रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। वर्ष 1989 में जब लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को 197, जनता दल को 143 और भाजपा को 83 सीटें मिली थी। सबसे बडे दल के रूप में कांग्रेस को सरकार बनाने के लिए बुलाया गया था लेकिन श्री राजीव गांधी ने यह कहते हुए सरकार बनाने से इनकार कर दिया था कि जनादेश हमारे खिलाफ है, इसलिए हम सरकार नहीं बनायेंगे। इसके पश्चात् श्री वी.पी. सिंह को अवसर दिया गया था। कांग्रेस की लोकतंत्र में आस्था और नैतिकता का यह एक सबसे बडा उदाहरण है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली में अपने सम्मान समारोह में पक्ष-विपक्ष और सामने वालों को साथ लेकर चलने की बात कही थी, लेकिन उनकी पार्टी का आचरण बिल्कुल विपरीत है। उत्तरप्रदेश चुनाव में भाजपा ने 403 सीटों के लिए एक भी माइनोरिटी का उम्मीदवार नहीं उतारकर धु्रवीकरण की शुरूआत तो वहीं से कर दी थी। ये बात अलग है कि भाजपा अपने प्रवक्ताओं के रूप में मुस्लिम चेहरों को आगे रखकर यह बताने का प्रयास करती है कि हम हिन्दु, मुस्लिम, सिख, इसाई सबको साथ लेकर चलते हैं।
ऐसा ही धु्रवीकरण बसपा प्रमुख मायावती ने भी किया। उन्होंने भी जान-बूझकर 100 टिकट माइनोरिटी को दे दिये। देश के लिए यह किसी भी तरह एक शुभ संकेत नहीं है। आज देश और प्रदेश दोनों जगह एक ही व्यक्ति का शासन है। लोकतांत्रिक तरीके से कोई काम नहीं हो रहा है, प्रदेश में ना मंत्रियों को पूछ रहे हैं, ना विधायकों को और केन्द्र में ना ही सांसदों को। उत्तरप्रदेश में चुनाव जीतने के बाद तो अब भाजपा में और घमण्ड आ गया है, इसका नुकसान उनको भी है और देश को भी है।
आज देश में जो कुछ दिख रहा है वो कांग्रेस की ही देन है। जहां पहले एक सूई तक नहीं बनती थी वहां आज उपग्रह छोडे जा रहे हैं। साइन्स टेक्नोलॉजी शिक्षा और स्वास्थ्य व पानी, बिजली, सडकों में सभी जगह उपलब्धि दिखाई दे रही है। आजादी के समय लोग यह तक नहीं जानते थे कि बिजली क्या होती है। आज घर-घर में बिजली है। मेरा मानना है कि इस देश में झण्डा कांग्रेस का ही बुलन्द रहेगा। हार-जीत तो होती रहती है। देश के डीएनए में कांग्रेस ही है, जो इस देश को एक व अखण्ड रख सकती है। देश के लिये इंदिराजी शहीद हो गयी, राजीव गांधी शहीद हो गये पर देश को एक रखा।
जबसे भारी बहुमत से यह राज्य सरकार बनी है, तब से धौलपुर से ही सरकार चलाई जा रही है। अब उप चुनाव धौलपुर में है तो समझ सकते हैं कि सरकारी मशीनरी तो वहां पूरी तरह लगेगी ही। जैसाकि पिछले चार उप चुनाव में किया गया था। यह इनकी फितरत भी है। कांग्रेस एकजुट होकर इस उप चुनाव में मुकाबला करेगी और कामयाब होगी।
