रक्तदान करने की बहुत ख़बरें सुनी हैं लेकिन गरीब मरीजों को मुफ्त में खून देने की कोई खबर नहीं आती. ब्लड बैंक खून लेने और देने का भी खुलासा करें. इतने ब्लड डोनेशन कैम्प होते हैं फिर भी जरूरतमंद मरीज को भटकना पड़ता है. ब्लड बैंकों पर भी सख्ती जरुरी है. ये पैसे लेकर खून बेच देते हैं. जो भी ब्लड लेने जाता है वो उसे अपना देकर मिलता है फिर ये जो कैम्प में इतना ब्लड मिलता हैं वो कहां जाता है ? दान में मिलने वाले खून का हिसाब भी तो कोई देगा।
नई दिल्ली।। रक्तदान को सबसे बड़ा दान माना गया है. आपके द्वारा किया गया रक्तदान किसी का जीवन बचा सकता है लेकिन आये दिन सामाजिक संस्थाओं द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर में दान दिया गया खून किसी का जीवन बचा रहा है या नहीं यह एक बड़ा सवाल है जिसे सोशल मीडिया पर लोग उठा रहे हैं.सोशल नेटवर्किंग साईट फेसबुक पर सोशल एक्टिविस्ट नरेश पारस ने फेसबुक पर ब्लड बैंकों से दान में मिले खून का हिसाब माँगा है.उनकी इस पोस्ट को खूब समर्थन मिल रहा है.फेसबुक यूजर बढ़ चढ़कर कमेंट्स और पोस्ट शेयर कर रहे हैं.
कौन देगा खून का हिसाब ?
सोशल नेटवर्किंग साईट पर नरेश पारस ने लिखा है कि जो भी व्यक्ति ब्लड बैंक से खून लेने आता है उसे खून के बदले खून दिया जाता है तो फिर दान में मिलने वाला खून कहाँ जा रहा है ? फेसबुक यूजर भी इस सच्चाई को जाने के लिए उत्सुक हैं लेकिन अभी तक अधिकारिक रूप से किसी ने इसका उत्तर नहीं दिया है.
पांच हजार में बेच रहे खून
फेसबुक यूजर मयंक पोरवाल ने नरेश पारस की इस पोस्ट पर लिखा है कि दिल्ली में पांच हजार रुपये में खून बेचा जा रहा है.वहीं एक अन्य फेसबुक यूजर धनवान गुप्ता ने अख़बार की कतरन डालते हुए लिखा हैं कि ब्लड बैंक के बाहर कई बार खून बेचते हुए लोग पकडे जा चुके हैं लेकिन कार्यवाही सिफर रही.
क्या है सच्चाई ?
सभी के जेहन में अब यह सवाल उठ रहा है कि दान में मिलने वाला खून आख़िरकार जा कहाँ रहा है ? इस सच्चाई से पर्दा उठाना अभी बाकी है.नरेश पारस का कहना है कि वह इस सच्चाई को जनता के सामने लाकर रहेंगे.वह स्वास्थ्य विभाग से RTI के माध्यम से सच उजागर करने की कोशिश करेंगे.
कौन देगा खून का हिसाब ?
सोशल नेटवर्किंग साईट पर नरेश पारस ने लिखा है कि जो भी व्यक्ति ब्लड बैंक से खून लेने आता है उसे खून के बदले खून दिया जाता है तो फिर दान में मिलने वाला खून कहाँ जा रहा है ? फेसबुक यूजर भी इस सच्चाई को जाने के लिए उत्सुक हैं लेकिन अभी तक अधिकारिक रूप से किसी ने इसका उत्तर नहीं दिया है.
पांच हजार में बेच रहे खून
फेसबुक यूजर मयंक पोरवाल ने नरेश पारस की इस पोस्ट पर लिखा है कि दिल्ली में पांच हजार रुपये में खून बेचा जा रहा है.वहीं एक अन्य फेसबुक यूजर धनवान गुप्ता ने अख़बार की कतरन डालते हुए लिखा हैं कि ब्लड बैंक के बाहर कई बार खून बेचते हुए लोग पकडे जा चुके हैं लेकिन कार्यवाही सिफर रही.
क्या है सच्चाई ?
सभी के जेहन में अब यह सवाल उठ रहा है कि दान में मिलने वाला खून आख़िरकार जा कहाँ रहा है ? इस सच्चाई से पर्दा उठाना अभी बाकी है.नरेश पारस का कहना है कि वह इस सच्चाई को जनता के सामने लाकर रहेंगे.वह स्वास्थ्य विभाग से RTI के माध्यम से सच उजागर करने की कोशिश करेंगे.
