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क्या बिना लोकपाल के भ्रष्टाचार खत्म करेंगे ये जुमलेबाज ???

बिना RTI के पारदरशिता लाएंगे
   धीरे-धीरे आम आदमी के हाथों को कैसे काटा जायेगा आप सोच भी नही पायेंगे। जिस 'सूचना का अधिकार' 2005 नियम को यूपीए सरकार ने आम जनता के लिये बनाया था। आज उस कानून में कैसे बदलाव कर समाप्त करने का प्लान किया जा रहा है?
यानि न रहे बांस न बजेगी बांसुरी
     मोदी सरकार RTI में जो बदलाव करने जा रही है वो बेहद खतरनाक है जिसके वजह से अब सूचना पाना बेहद मुश्किल कार्य हो जायेगा। सूचना मांगने वाले की हत्या भी हो सकती है। सरकार जो नये संशोधन ला रही है उसके मुताबिक अब सूचना मांगने वाले की मौत हो जाने पर आवेदन को रद्द माना जायेगा। ऐसे में किसी के द्वारा संवेदनशील सुचना मांगे जाने पर उसकी हत्या हो सकती है।
      पहले भी कई RTI एक्टिविस्ट की हत्या की जा चुकी है। सरकार RTI आवेदन के फीस में भी बढ़ोतरी करने का निर्णय लेने वाली है जिससे की आम आदमी को सूचना लेने में परेशानी होगी।
     साथ ही जो अन्य संशोधन की बात चल रही है उसमें सूचना देने की अवधि को खत्म किया जा सकता है एवं सूचना मांगने की शब्द सीमा निर्धारित की जा सकती है। एक अन्य संशोधन में संबंधित सरकारी कर्मी को ये अधिकार होगा कि वो अपने हिसाब से सूचना को संशोधित कर सकता है।
      कुल मिलाकर देखा जाय तो ये RTI को समाप्त करने की कवायद शुरू हो गई है।  सरकर अपनी विफलता को छुपाना चाहती है। ऐसे में बड़ा प्रश्न ये है कि भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी शासन व्यवस्था चलाने की दंभ भरने वाले मोदी पहले ही लोकायुक्त और लोकपाल जैसी संस्था को खारिज कर चुके है। और अब RTI को खत्म करके कैसी पारदर्शिता लाना चाहते हैं ...?
    ये सभी को समझना होगा। हम पहले भी बता चुके हैं कि भाजपा न तो कभी केंद्र की सत्ता लायक थी न ही भाजपा की नीतियां कभी विकास का रास्ता तय कर सकेंगी।
     जब-जब भाजपा केंद्र में आई कुछ न कुछ यूपीए सरकार द्वारा स्थापित उधोगों को बेचकर ही गई। आज तक कुछ नया न कोई उधोग खोला न ही कोई नया काम किया। यूपीए सरकार ने महिला एसबीआई बैंक खोला था।
     7 ब्रांच पुरे भारत में अभी तक थी आगे और खोलने का विचार था। लेकिन भाजपा ने आते ही महिला बैंक को समायोजित कर महिलाओं के साथ सीधा अपमान किया है। और अंधी जनता मोदी-मोदी चिल्लाकर न जाने क्या साबित कर रही है।
     इसको हर व्यक्ति को समझने की आवश्यकता है यदि आज आर टी आई जैसा है वैसा नहीं रहा तो कोई भी घोटाला रोका नही जा सकता। आम आदमी जान भी नही पायेगा कँहा क्या-क्या घोटालों को जन्म दिया जा रहा है।
      अगर आज आर टी आई न होता तो ना टू जी ना कोल सामने आता। रो तो क्या यहाँ यह कहा जा सकता है की भाजपा ने भी हजारों घोटाले करने का प्लान रच लिया है जिससे RTI को समाप्त करने का खेल खेलने जा रहे है।