ये 24 Jan को रांची कोर्ट में देखने को मिला ये सजल चक्रवर्ती है कुछ दिन पहले तक झारखंड के चीफ सेक्रेटरी थे लेकिन चारा घोटाला में इनका भी नाम आ गया और दोषी भी करार हो गए।
सोचिये एक हमारे बिहार में दरोगा बन जाता है तो पूरे गांव प्रखंड में उसकी टशन हो जाती है, बड़े बड़े लोग झुक के हाय हेलो करते है सजल चक्रवर्ती तो मुख्य सचिव थे दिन में ना जाने कितने IAS/IPS पैर छूते रहे होंगे लेकिन आज इनकी बेबसी देख कर दिल रो गया।
इनका वजन करीब 150 किलो है, कई बीमारियों से ग्रसित है ठीक से चल नही पाते। रांची कोर्ट में चारा घोटालेसे जुड़े एक मामले में पेशी थी सुनवाई पहले मंज़िल पर थी जब वो ऊपर आये तब मैं कोर्ट रूम था उनको चढ़ते हुए नही देखा लेकिन उतरते वक्त मैंने उनको देखा वो सीढ़ी पर खुद को घसीट रहे थे एक सीढ़ी घसीट कर उतरने के बाद फिर दूसरी सीढ़ी पहुँचने के लिए खुद को घसीट रहे थे। सोचिये जिसके सामने कल तक बड़े बड़े अधिकारी गाड़ी का दरवाज़ा खोलने के लिए आतुर रहते थे वो खुद को दुनिया के सामने जमीन पर पड़ा हुआ एक बच्चे की तरह ममता भाव से सबको देख रहा थे जैसे कह रहा हो कोई गोद मे उठा लो।
कहते है ना सुख के सब साथी दुख में ना कोई बेचारे दो शादी किये लेकिन दोनों बीबियों ने तलाक दे दिया वजह जो भी हो। कोर्ट रूम में सबका कोइ कोई ना कोई था लेकिन इनकी आँखे जैसे किसी अपने को खोज रही थी।
मालूम किये तो पता चला की कोई इनसे ज्यादा मिलने भी नही आता माता पिता रहे नही भाई भी था जो सेना में बडे अफसर थे जो अब नही रहे। शायद किसी को गोद लिए थे उसकी भी शादी हो चुकी है, उसे भी इनसे ज्यादा कोई मतलब नही रहता।
घर मे कुछ पालतू बन्दर और कुत्ते पाल रखे है अपनो के नाम पर वो भी कहाँ है मालूम नही। ये शान, ये शौकत, ये पैसा सब मोह माया है..परमानेंट तो कुछ भी नही है सिवाए एक चीज़ का वो है मौत।
