पीलिया का यह है शर्तियां इलाज, यकीन ना हो तो कर के देखे

0
Translate News:
Image result for swasth ke liye labhdayak hai pyaz      प्‍याज का प्रयोग लगभग प्रत्‍येक भारतीय रसोई में कच्‍चे एवं पक्‍के दोनों रुपों में किया जाता है। गर्मी में लगने वाली लू का भी इलाज यही प्‍याज है। प्‍याज में विटामिन सी, लोहा, गंधक, तांबे जैसे बहुमूल्‍य खनिज पाये जाते हैं, जिनसे शारीरिक शक्‍ति बढ़ती है। खाने के साथ कच्‍चे प्‍याज का सेवन लाभदायक होता है। आइये जानते हैं इस प्रकृतिक प्‍याज के और क्‍या क्‍या स्‍वास्‍थ्‍य लाभ हैं।
प्‍याज खाने के लाभ-
1. प्‍याज का रस कनपटियों और छाती पर मलने से लू नहीं लगती। खाने के साथ कच्‍चे प्‍याज का सेवन करना लाभदायक होता है।
2. कान में दर्द अथवा मवाद बहने की शिकायत होने पर प्‍याज के रस को हल्‍का गर्म कर के कान में डालने से आराम मिलता है।
3. आधा कप सफेद प्‍याज के रस में गुड़ और पिसी हल्‍दी मिला कर प्रात: वह शाम को पीने से पीलिया में लाभ होता है। छोटे प्‍याज को छील कर चौकोर काट कर सिरके या नींबू के रस में भिगो दें, ऊपर से नमक काली मिर्च डाल दें। पीलिया का यह शर्तियां इलाज है।
4. प्‍याज से हृदय धमनियों में रूधिर के थक्‍के नहीं बनते और इस प्रकार हृदय संभवित क्षतियों से बचा रहता है। प्‍याज में लोहा पाया जाता है, जिससे शरीर मे एनीमिया नहीं होता। यह खून को गाढ़ा बनाता है और उसे पतला होने से रोकता है।
5. यदि किसी कुत्‍ते ने काट लिया हो, तो कटे हुए स्‍थान पर प्‍याज को पीसकर शहद के साथ मिलाकर लगाने से विष का प्रभाव जाता रहता है।
6. सरसों का तेल व प्‍याज का रस मिलाकर मालिश करने से गठिया के रोगी को लाभ पहुंचाता है।
7. प्‍याज के रस में शहद मिला कर चाटने से दमा और खांसी में आश्‍चर्यजनक सुधार आता है। इसके अलावा मिर्गी, हिस्टीरिया और पाण्डुरोग में भी प्याज लाभकारी है। मिर्गी में प्याज को सुंघा देने मात्र से ही कई बार रोगी को चंगा होता देखा गया है।
8. बच्चों को बदहजमी होने पर उन्हें प्याज के रस की तीन-चार बूँदें चटाने से लाभ होता है। अतिसार के पतले दस्तों के इलाज के लिए एक प्याज पीसकर रोगी की नाभि पर लेप करें या इसे किसी कपड़े पर फैलाकर नाभि पर बाँध दें।
9. हैजा हो गया हो तो सावधानी के तौर पर एक प्याला सोडा पानी में एक प्याला प्याज का रस, एक नीबू का रस, जरा सा नमक, जरा-सी काली मिर्च और थोड़ा सा अदरक का रस मिलाकर पी लें, इससे हाजमा दुरुस्त हो जाएगा तथा हैजे का आक्रमण नहीं होगा।
10. कब्ज के इलाज के लिए भोजन के साथ प्रतिदिन एक कच्चा प्याज जरूर खाएँ। यदि अजीर्ण की शिकायत हो तो प्याज के छोटे-छोटे टुकड़े काटकर उसमें एक नीबू निचोड़ लें या सिरका डाल लें तथा भोजन के साथ इसका सेवन करें।
11. अगर दांत में पायरिया है, तो प्याज के टुकड़ों को तवे पर गर्म कीजिए और दांतों के नीचे दबाकर मुंह बंद कर लीजिए। इस प्रकार 10-12 मिनट में लार मुंह में इकट्ठी हो जाएगी। उसे मुंह में चारों ओर घुमाइए फिर निकाल फेंकिए। दिन में 4-5 बार 8-10 दिन करें, पायरिया जड़ से खत्म हो जाएगा, दांत के कीड़े भी मर जाएंगे और मसूड़ों को भी मजबूती प्राप्त होगी।


Post a Comment

0Comments
Post a Comment (0)
Loading...

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !
To Top